
पारदर्शी विकास ब्यूरोकुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशीनगर दौरे और 424 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम के बाद जनपद में विकास कार्यों की रफ्तार और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए प्रभारी मंत्री एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।देर शाम आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था और गौ संरक्षण केंद्रों की स्थिति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कहीं भी बिजली और पानी की समस्या उत्पन्न न होने पाए। इसके साथ ही मनरेगा, स्वयं सहायता समूह, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, शिक्षा, लोक निर्माण, विद्युत तथा जल जीवन मिशन जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया गया।मंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने लंबित निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कराने, आयुष्मान कार्ड निर्माण अभियान को गति देने, किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने तथा बीज और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जाए ताकि लोगों का विश्वास शासन-प्रशासन पर बना रहे।कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मंत्री ने गौ तस्करी पर सख्त कार्रवाई और लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपराध और अवैध गतिविधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए तथा पुलिस और प्रशासन समन्वय बनाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र की विभिन्न विकास संबंधी समस्याओं और आवश्यकताओं को उठाया, जिन पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा।बैठक में सांसद विजय कुमार दुबे, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, विधायक पीएन पाठक, मनीष जायसवाल, विनय प्रकाश गौंड, विवेकानंद पांडेय, मोहन वर्मा, सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, डॉ. असीम कुमार राय, राज्य मंत्री राजेश्वर सिंह, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य फुलबदन कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार, मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।कुशीनगर में मुख्यमंत्री के दौरे के तुरंत बाद हुई यह समीक्षा बैठक साफ संकेत देती है कि सरकार विकास परियोजनाओं की प्रगति और कानून-व्यवस्था दोनों मोर्चों पर परिणाम चाहती है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश धरातल पर कितनी तेजी से दिखाई देते हैं।