
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। शास्त्री नगर निवासी मर्चेंट नेवी अफसर सागर गुप्ता की मौत के 14 दिन बाद भी उनका शव घर नहीं पहुंच सका है। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ब्लैक सी में हुए हमले में 18 जुलाई को सागर की मौत हो गई थी। घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है।सागर की पांच वर्षीय बेटी गौरी अभी पिता की मौत से अनजान है। वह दिन में कई बार परिजनों से पापा से फोन पर बात कराने की जिद करती है। परिजन उसे नेटवर्क नहीं आने जैसी बात कहकर समझा रहे हैं।शनिवार को सांसद रमेश अवस्थी और गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी सागर के घर पहुंचे। सांसद ने मृतक के भाई मनीष गुप्ता की बातचीत विदेश मंत्रालय के अवर सचिव विभूति नाथ पांडेय से कराई। उन्होंने बताया कि सागर का शव पहले मॉस्को पहुंचेगा, इसके बाद दिल्ली होते हुए कानपुर लाया जाएगा। दो दिन के भीतर शव घर पहुंचने की संभावना जताई गई है।परिजनों ने बताया कि सागर ही परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने सरकार से आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और बच्चों की पढ़ाई में मदद की मांग की है।