
PARDARSI VIKASH NEWS उन्नाव सदर विधायक पंकज गुप्ता ने समाजवादी पार्टी पर ब्राह्मण और सनातन विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए सपा नेता राजकुमार भाटी के कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे पार्टी की “वास्तविक सोच” बताया।फेसबुक पोस्ट में विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि सपा नेता का ब्राह्मण समाज के खिलाफ दिया गया बयान केवल एक टिप्पणी नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी की विचारधारा का प्रतिबिंब है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा हमेशा जातीय विभाजन की राजनीति करती रही है और हिंदू समाज को बांटकर सत्ता हासिल करने का प्रयास करती है।विधायक ने अपनी पोस्ट में ब्राह्मण समाज के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने चाणक्य, मंगल पांडे और चंद्रशेखर आजाद जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन लोगों ने देश और समाज के लिए बलिदान दिया, उनके समाज का अपमान करना दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेताओं पर धार्मिक ग्रंथों और सनातन परंपराओं का अपमान करने का भी आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि कुछ समय पहले सपा के एक वरिष्ठ नेता ने रामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी की थी और उसकी चौपाइयों को जलाने की बात कही थी। इसे उन्होंने सनातन संस्कृति पर सीधा हमला बताया।विधायक ने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि जब मंदिर निर्माण का मुद्दा उठता था, तब विपक्षी दल हिंदू आस्था का मजाक उड़ाते थे। हालांकि अब भव्य मंदिर बनने के बाद उन्हें राजनीतिक नुकसान का डर सता रहा है।पंकज गुप्ता ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति “फूट डालो और राज करो” की नीति पर आधारित है। उन्होंने कहा कि पार्टी विशेष वर्गों को साधने के लिए हिंदू समाज को जातियों में बांटने का प्रयास करती है। विधायक ने 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में हुई सांप्रदायिक घटनाओं और दंगों का भी जिक्र किया और विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक जाति की नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को जोड़ने और तोड़ने वाली विचारधाराओं के बीच की है। विधायक के मुताबिक आज ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया जा रहा है, कल अन्य समाजों को भी इसी तरह बांटने का प्रयास किया जाएगा।विधायक ने 2027 विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता पहले भी समाजवादी पार्टी को जवाब दे चुकी है और आगे भी देगी। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, ठाकुर, दलित, ओबीसी और व्यापारी समाज सभी सनातन संस्कृति का हिस्सा हैं और किसी भी राजनीतिक दल को समाज में विभाजन पैदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।