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दलित को जूते में पानी पिलाया, न्यूड करके पीटा

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कानपुर में राजपूतों ने मुर्गा बनाया, फिर आरोपियों ने खुद पर छिड़का गंगाजल

पारदर्शी  न्यूज कानपुर। कानपुर में सरकारी हैंडपंप से पानी पी रहे दलित बिरादरी के नाबालिग लड़के को दबंगों ने पीट दिया। उसका आरोप है कि वहां रखी बाल्टी छूने से खफा होकर उसके कपड़े उतरवाकर उसे मुर्गा बनाया। उसके बाद उसकी पिटाई की। उसके बाद जूते में थूककर चटवाया। फिर उसमें पानी भर कर पिलाया। इसके बाद उस पर गंगाजल का छिड़काव किया। पीड़ित ने बताया कि राजपूतों के नल के पास पानी पी लिया, बस यही मेरी गलती थी। राजपूतों ने बेरहमी से पिटाई की।बचाने के लिए आए उसके पिता को भी सभी ने मिलकर पीटा। इस पिटाई से नाबालिग का हाथ टूट गया। उसे पहले प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। फिर उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामला सचेंडी थाना क्षेत्र के झखरा-संभरपुर गांव का है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।जानकारी के मुताबिक झखरा संभरपुर गांव निवासी रिंकू पुत्र छेदीलाल मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उन्होंने बताया कि घटना 2 मई की रात की है। करीब 9 बजे वह अपने 16 वर्षीय बेटे के साथ खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान उनका बेटा पास स्थित सरकारी हैंडपंप से पानी पीने चला गया।रिंकू का आरोप है कि जैसे ही उनके बेटे ने वहां रखी बाल्टी से पानी पिया, वहां पहले से मौजूद संजय लोधी, उसका भाई दीपक और उनके साथी सागर और पटिया ने उसे रोक लिया। इसके बाद उन चारों ने जातिसूचक गालियां दीं । बोले- ‘नीच जाति ने बाल्टी छूकर धर्म भ्रष्ट कर दिया।’इसके बाद आरोपियों ने नाबालिग को 'मुर्गा' बनाकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। आरोप है कि उसका कपड़ा उतरवाकर पिटाई की। जूते में थूककर चाटने को मजबूर किया गया। फिर जूते में पानी डालकर पिलाया। उसके बाद हैंडपंप के आसपास गंगाजल का छिड़काव किया।शोर सुनकर जब नाबालिग के पिता मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट कर दी। हमले में पिता की पसलियां टूट गईं, जबकि नाबालिग के हाथ में गंभीर चोट आई और वह भी घायल हो गया।पीड़ित रिंकू ने बताया कि मामले में उन्होंने मौके से डायल-112 पर शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे अस्पताल में एडमिट कराया। इसके बाद चार से पांच दिन तक पीड़ित को ही थाने और चौकी में बैठाए रहे लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया। जबकि मेरे पूरे शरीर पर चोट के निशान थे, बेटे का हाथ टूट गया और उसके भी शरीर पर पिटाई के निशान थे।इसके बाद भी चौकी इंचार्ज से लेकर थानेदार तक मामले में कोई कार्रवाई करने की बजाए मामले को दबा रहे थे। मामला अफसरों तक पहुंचा तो पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरू की और मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया है। जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी की जा रही है।पीड़ित ने बताया कि राजपूतों के नल के पास पानी पी लिया, बस यही मेरी गलती थी। इसके बाद राजपूतों ने जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी। मारपीट करने के बाद जूते में थूक कर चटाया और जूते में ही पानी पिलाया। इसके बाद पीट-पीट कर मेरा हाथ तोड़ दिया। मेरी थाने-चौकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही थी।इसके बाद वकील के जरिए मामले की अफसरों से शिकायत की तो थानेदार हरकत में आए और मामले में रिपोर्ट दर्ज करके अब जांच शुरू कर दी है।डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि 02 मई 2026 को थाना सचेण्डी क्षेत्रान्तर्गत ग्राम झकरा में दो पक्षों के बीच खेत में कचरा डालने व शौचालय करने की बात को लेकर विवाद हुआ था। जो बाद में मारपीट में बदल गया। घटना में वादी पक्ष के नाबालिग बेटे को चोटें आईं, जिनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। सुसंगत धाराओं एवं एससी/एसटी एक्ट में मुकदमदा दर्ज किया गया।इस मामले की जांच एसीपी पनकी कर रहे हैं। विवेचना के दौरान एफआईआर में अंकित थूक चटवाने व जूते में पानी पिलाने संबंधी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। प्रकरण मूल रूप से दो पक्षों के बीच आपसी विवाद एवं मारपीट का पाया गया है। नामजद अभियुक्त संजय राजपूत को हिरासत में लिया गया है। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।