
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सिविल कोर्ट परिसर के आसपास अवैध कब्जे हटाने के मामले में सुनवाई करते हुए वकीलों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया है, जिसका विस्तृत फैसला बाद में जारी किया जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि उसने वकीलों द्वारा लाठियां बांटने के वीडियो देखे हैं। खंडपीठ ने सिविल कोर्ट में पिछले एक सप्ताह से चल रही हड़ताल पर भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत आपराधिक अवमानना की कार्रवाई पर विचार करने की बात कही।कोर्ट ने टिप्पणी की कि क्या लाठियां बांटकर प्रशासन को वैधानिक कार्रवाई से रोका जा सकता है। इस मामले में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री ने चैंबर हटाने के विरोध में पक्ष रखा।गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर 17 मई को नगर निगम ने सिविल कोर्ट परिसर के पास नाले पर बने अवैध चैंबर और दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की थी। कार्रवाई के दौरान वकीलों और पुलिस के बीच झड़प, पथराव और लाठीचार्ज की स्थिति बन गई थी, जिसके बाद अभियान रोकना पड़ा।