
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। अशोक नगर निवासी कारोबारी सरदार मोहकम सिंह से 1.27 करोड़ रुपये की साइबर ठगी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फरार आरोपी मेराज अंसारी को महाराष्ट्र के पालघर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए सरदार का भेष बदलकर मुंबई में छिपा हुआ था। उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया जा रहा है।पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी के पीछे एक नाइजीरियन गैंग का हाथ है। डीसीपी क्राइम श्रवण सिंह के अनुसार, कारोबारी के मोबाइल नंबर का सिम स्वैप कर 23 अगस्त 2025 को उनके बैंक खाते से 1.27 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। मामले में साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच शुरू की गई थी।जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस की मदद से मेराज अंसारी की लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी अरशद अंसारी के साथ मिलकर फर्जी आधार, पैन और जीएसटी दस्तावेजों के जरिए कई बैंक खाते खुलवाए थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया गया।पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम से 54 लाख रुपये का सोना भी खरीदा गया था। जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क में शामिल नाइजीरियन आरोपी सिम स्वैपिंग और फंड ट्रांसफर का संचालन करते थे।पुलिस अब पूरे गिरोह की तलाश में जुटी है और आगे बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
कारोबारी सरदार मोहकम सिंह के मोबाइल नंबर का सिम स्वैप कर 23 अगस्त 2025 को उनके बैंक खाते से 1 करोड़ 27 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए थे। मामले में साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई। जांच के दौरान गुरुवार को महाराष्ट्र के पालघर जिले से मेराज अंसारी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी वहां सरदार का रूप धारण कर रह रहा था, ताकि पुलिस को चकमा दे सके। सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तारी की गई।-डीसीपी क्राइम श्रवण सिंह