
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए विदेशों से छात्रों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय को इस वर्ष 12 देशों के 177 विदेशी छात्र-छात्राओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें दक्षिण एशिया, अफ्रीका और खाड़ी देशों के विद्यार्थियों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नेपाल, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, ब्राजील, नामीबिया, ओमान, तंजानिया, एस्वातिनी, कुवैत, लाइबेरिया, सिएरा लियोन और दक्षिण सूडान सहित 12 देशों के छात्रों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। विदेशी विद्यार्थियों के बीच एमबीए, बीबीए और बीसीए जैसे व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों की विशेष मांग है। इसके साथ ही भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक अध्ययन से जुड़े पाठ्यक्रमों में भी रुचि दिखाई दे रही है। विश्वविद्यालय ने पिछले कुछ वर्षों में अपने शैक्षणिक और शोध ढांचे को मजबूत करने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं का विस्तार किया है। विदेशी छात्रों के लिए सुरक्षित और आधुनिक छात्रावास, डिजिटल शिक्षण व्यवस्था तथा बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे विदेशों से आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को सुविधा मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं शैक्षणिक सहयोग प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. विकास सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक समझौते किए हैं। इससे छात्रों और शोधार्थियों को वैश्विक स्तर पर सीखने और शोध करने के अवसर मिल रहे हैं। डीन प्रो. सुधांशु पांडया ने कहा कि विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान लगातार मजबूत हो रही है, जिसका सकारात्मक असर विदेशी छात्रों के बढ़ते प्रवेश आवेदनों के रूप में दिखाई दे रहा है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना है। इसके लिए उन्हें आधुनिक, सुरक्षित और शोध आधारित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।