
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए मौसम पूर्वानुमान सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना की गई। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय ऐसा था जब मौसम विभाग की भविष्यवाणियों पर लोगों का भरोसा कम था, लेकिन पिछले वर्षों में तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों के विस्तार से स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब आंधी, बारिश और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं की पूर्व चेतावनी लोगों के मोबाइल तक समय रहते पहुंच रही है, जिससे जनहानि कम करने में मदद मिली है।उन्होंने कहा कि 13 मई को आई प्राकृतिक आपदा में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिसकी समीक्षा के दौरान स्थानीय स्तर पर सावधानी में कमी सामने आई। मुख्यमंत्री ने किसानों को सटीक मौसम जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि इससे फसलों की सुरक्षा और खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ का नया क्षेत्रीय केंद्र उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की मौसम निगरानी करेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में मौसम रडार, ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और लाइटनिंग डिटेक्शन सिस्टम की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे मौसम पूर्वानुमान पहले से अधिक सटीक हुआ है।उन्होंने बताया कि भविष्य में नागरिकों को तीन घंटे पहले तक का स्थानीय मौसम अलर्ट उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे दैनिक जीवन, कृषि और आपदा प्रबंधन में बड़ी मदद मिलेगी। नया केंद्र मौसम सेवाओं के विस्तार और बेहतर पूर्वानुमान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।