
PARDARSHI VIKASH NEWS कानपुर देहात के मैथा मारग गांव में आयोजित ‘रात्रि चौपाल’ कार्यक्रम अपने नाम को लेकर चर्चा में आ गया है। बैनरों और सरकारी प्रचार सामग्री में इसे रात्रि चौपाल बताया गया, लेकिन ग्रामीणों की समस्याएं और संवाद दिन के समय ही सुने और निपटाए गए।यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जिसमें राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने ग्रामीणों से संवाद किया और अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया।हालांकि, कार्यक्रम के नाम और समय को लेकर ग्रामीणों में सवाल उठे। लोगों ने कहा कि जब आयोजन दिन में हुआ, तो इसे ‘रात्रि चौपाल’ क्यों कहा गया। इस असंगति को लेकर गांव में चर्चा का माहौल बना रहा।कुछ ग्रामीणों ने इसे केवल प्रशासनिक औपचारिकता बताया, जबकि कुछ ने कार्यक्रम के नाम और वास्तविक समय के अंतर पर सवाल उठाए। मामला अब राजनीतिक चर्चाओं में भी शामिल हो गया है, जहां इसे सरकारी कार्यशैली से जोड़कर देखा जा रहा है।