
PARDARSHI VIKASH NEWS अयोध्या में राम मंदिर के दानपात्रों से जुड़े कथित हेराफेरी के आरोपों पर सियासी बयानबाज़ी के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने वित्तीय आंकड़े जारी किए हैं। ट्रस्ट के अनुसार मंदिर की आय पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दर्ज की जाती है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की बात आधारहीन है।ट्रस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंदिर को विभिन्न स्रोतों से कुल 220.81 करोड़ रुपये की आय हुई है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा दानपात्र (हुंडी) से प्राप्त 54.79 करोड़ रुपये का है। इसके आधार पर मंदिर को दानपात्रों से हर महीने औसतन करीब 5 करोड़ रुपये का चढ़ावा मिल रहा है।इसके अलावा ऑनलाइन दान के माध्यम से 8.33 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। ट्रस्ट का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था बैंकिंग प्रणाली और सीसीटीवी निगरानी के तहत संचालित होती है।ट्रस्ट के अनुसार दानपात्रों से प्राप्त राशि की गिनती प्रतिदिन लगभग 40 लोगों की उपस्थिति में की जाती है, जिसमें बैंक कर्मचारी और ट्रस्ट के अधिकारी शामिल होते हैं। गिनती के बाद धनराशि रजिस्टर में दर्ज कर सुरक्षित लॉकर में रखी जाती है और अगले दिन बैंक में जमा कर दी जाती है।ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी वित्तीय गतिविधियों का नियमित ऑडिट होता है और हर तीन महीने में ट्रस्ट की बैठक में पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाता है। ट्रस्ट का दावा है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाती है और गबन या चोरी का कोई सवाल नहीं है।