
PARDARSHI VIKASH NEWS हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के मलांगड़ मियां गांव निवासी भारतीय सेना के हवलदार विशम्बर सिंह का मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके 11 वर्षीय बेटे अक्षित ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और पूरे क्षेत्र में "विशम्बर सिंह अमर रहें" के नारे गूंजते रहे।सुबह पार्थिव देह घर पहुंचते ही उनकी मां शीला देवी और पत्नी सोनिया देवी ताबूत से लिपटकर रो पड़ीं। परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो बेटे हैं, जिनमें एक की उम्र मात्र छह महीने है। विशम्बर सिंह वर्ष 2008 में भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में भर्ती हुए थे और करीब 18 वर्षों तक देश सेवा की।बताया गया कि वह देहरादून स्थित यूनिट में पीटी के बाद साइकिल से लौट रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी जवान उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अंतिम संस्कार में प्रशासनिक अधिकारियों, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।