
पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में शुक्रवार को एक परिवार के जीवन में खुशियों की वापसी देखने को मिली, जब पांच वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी का विवाद आपसी सुलह से समाप्त हो गया।जानकारी के अनुसार, सरिता की शादी वर्ष 2008 में अजय यादव के साथ हुई थी। दंपती के चार पुत्रियों एवं एक पुत्र सहित कुल पांच बच्चे हैं। पारिवारिक विवाद के चलते दोनों पिछले पांच वर्षों से अलग रह रहे थे।पीड़िता सरिता ने 19 मई 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पहुंचकर अपनी समस्या रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए भुवन, अपर सिविल जज (सीडी) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर इसे प्री-लिटिगेशन वाद के रूप में दर्ज कराया तथा विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी कर 22 मई की तिथि नियत की।निर्धारित तिथि पर दोनों पक्ष प्राधिकरण के मध्यस्थता केंद्र पहुंचे, जहां सचिव ने स्वयं पति-पत्नी को साथ बैठाकर करीब दो घंटे तक समझाइश दी। लगातार प्रयास और सकारात्मक संवाद के बाद दोनों एक साथ रहने के लिए तैयार हो गए।सुलह के बाद पति-पत्नी ने एक-दूसरे को माला पहनाई और मिठाई खिलाकर नई शुरुआत का संदेश दिया। इस भावुक पल पर वहां मौजूद प्राधिकरण कर्मियों एवं अन्य वादकारियों ने तालियां बजाकर दोनों का उत्साहवर्धन किया।सचिव भुवन के इस मानवीय प्रयास की उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की। यह पहल न केवल एक परिवार को टूटने से बचाने वाली साबित हुई, बल्कि समाज में संवाद और आपसी समझ की महत्ता का भी संदेश दे गई।