news-details

मजदूरों के समर्थन में वामपंथी मोर्चा का प्रदर्शन

You can share this post!

Pardarshi Vikas News Kushinagar

जनपद मुख्यालय सोमवार को उस समय आंदोलित हो उठा जब वामपंथी मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मजदूरों के अधिकारों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। नोएडा में हाल ही में हुए मजदूर आंदोलन के बाद प्रदेश सरकार की कार्रवाई के विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और अपनी मांगों को लेकर मुखर नजर आए।

प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए आरोप लगाया कि सरकार द्वारा की गई कार्रवाई न केवल मजदूरों के अधिकारों का हनन है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की आवाज को दबाने की कोशिश किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मोर्चा ने अपने ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सबसे अहम मांग नोएडा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए मजदूर नेताओं और पत्रकारों की तत्काल रिहाई की रही। इसके साथ ही मजदूर आंदोलनों पर कथित दमनात्मक कार्रवाई को तुरंत बंद करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए लेबर कोड को वापस लेने और पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि नए कानून मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। इसके अलावा, सभी मजदूरों के लिए न्यूनतम 26,000 रुपये मासिक वेतन सुनिश्चित करने और स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले को वापस लेने की भी मांग की गई।

प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की और चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष इस्लाम अंसारी, मतिउल्लाह, इद्रीश, अर्जुन, जवाहर, शशुद्दीन, रामचंद्र यादव, आकाश प्रसाद, मोहन प्रसाद, रामप्रसाद गौड़, सुरेश पटेल और नंदलाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मजदूर हितों की लड़ाई तेज करने के संकेत के साथ यह प्रदर्शन जिले में राजनीतिक हलचल का कारण बन गया है।