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कैंसर इलाज पर संकट: सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की कमी से मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

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PARDARSHI VIKASH NEWS देश में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण कीमोथेरेपी दवाओं की भारी कमी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली, मुंबई और भोपाल के विशेषज्ञों के अनुसार सिस्प्लैटिन (Cisplatin) और कार्बोप्लैटिन (Carboplatin) जैसी जीवनरक्षक दवाओं की सप्लाई पिछले कुछ हफ्तों से बाधित है, जिससे कैंसर मरीजों के इलाज पर सीधा असर पड़ रहा है।डॉक्टरों का कहना है कि ये दोनों दवाएं फेफड़े, मुंह, सर्वाइकल, ओवरी, टेस्टिकुलर और अन्य कई प्रकार के कैंसर की पहली पंक्ति (First Line Therapy) में शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार देश में करीब 70% कीमोथेरेपी रेजिमेंस में इन दवाओं का उपयोग होता है, ऐसे में इनकी कमी से बड़ी संख्या में मरीज प्रभावित हो सकते हैं।सरकारी और निजी अस्पतालों में कई जगह इलाज की निरंतरता टूट रही है, और कुछ मरीजों को बिना उपचार लौटाना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में उन्हें वैकल्पिक दवाओं का सहारा लेना पड़ रहा है, जो कई मामलों में उतनी प्रभावी या सस्ती नहीं हैं।विशेषज्ञों ने सप्लाई चेन में रुकावट, कच्चे माल की कमी और वैश्विक तनाव को इस संकट का प्रमुख कारण बताया है। साथ ही सरकार ने इन दवाओं की कीमतों में 10% से 50% तक वृद्धि की संभावना को मंजूरी दी है, ताकि उत्पादन और उपलब्धता को स्थिर किया जा सके।डॉक्टरों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो यह संकट देश के कैंसर उपचार ढांचे पर लंबे समय तक असर डाल सकता है।