
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर से लखनऊ के बीच रेल रूट पर ट्रेन संचालन बंद रहने के 42 दिनों में परिवहन विभाग ने करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये की कमाई की है। इस दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज ने अतिरिक्त बसों का संचालन किया। रेलवे द्वारा गंगा पुल संख्या 10 पर स्लीपर बदलने के काम के कारण लगभग 57 ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। इससे रोजाना करीब 3 हजार यात्री कानपुर-लखनऊ के बीच सफर के लिए सरकारी बसों पर निर्भर हो गए।परिवहन विभाग ने इस दौरान लगभग 400 बसें लखनऊ रूट पर चलाईं, जिनमें प्रत्येक बस ने सामान्य 2 चक्कर के बजाय 3 फेरे लगाए। झकरकट्टी बस अड्डे से लखनऊ के लिए रोजाना लगभग 1200 फेरे लगाए गए।परिवहन निगम के अनुसार, बेहतर रूट प्लानिंग और अतिरिक्त बस संचालन के चलते राजस्व में वृद्धि हुई। एआरएम पंकज तिवारी ने बताया कि केवल लखनऊ रूट से ही 42 दिनों में 1 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है।
2 अप्रैल को ट्रेनें बंद हुई थी
2 अप्रैल 2026 से सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक ट्रेन नहीं चलती थी। कानपुर-लखनऊ रेल रूट प्रभावित होने के कारण सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से लखनऊ के लिए कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं है। रेलवे के गंगा पुल पर करीब 850 मीटर क्षेत्र में 1700 स्लीपर बदले जा रहे थे। पुराने स्लीपर हटाकर स्टील स्लीपर लगाए जा रहे हैं। इसी वजह से परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया था।