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केले के खेतों में ‘दो तेंदुओं’ की आहट से दहशत

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पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर खड्डा के विशुनपुरा ब्लॉक अंतर्गत बलकुड़िया गांव में दो तेंदुओं के दिखने की खबर ने पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। शनिवार देर शाम केले के खेत में ग्रामीणों द्वारा दो तेंदुओं को देखे जाने का दावा होते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडा लेकर खेतों और बागानों की ओर दौड़ पड़े।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और देर रात तक गांव के आसपास कांबिंग अभियान चलाया। रविवार सुबह डिप्टी रेंजर अमित तिवारी के नेतृत्व में टीम ने फिर केले और लीची के बागानों में सर्च अभियान चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला। इसके बावजूद ग्रामीणों के मन से डर खत्म नहीं हो रहा है।गांव के बाहर नहर किनारे फैले घने केले और लीची के बागान अब ग्रामीणों के लिए दहशत का कारण बन गए हैं। वन विभाग ने इलाके में शिफ्टवार निगरानी शुरू कर दी है ताकि दिन-रात गश्त जारी रहे। ग्रामीणों को अकेले खेतों में न जाने और बच्चों को घर से दूर न भेजने की सलाह दी गई है।बताया जा रहा है कि पिछले दो सप्ताह से इलाके में तेंदुए के दिखने की चर्चाएं लगातार हो रही थीं, लेकिन शनिवार को एक साथ दो तेंदुओं के दिखने के दावे ने ग्रामीणों की चिंता कई गुना बढ़ा दी। हालत यह है कि किसान शाम ढलते ही खेतों की ओर जाना बंद कर चुके हैं। कई किसान अब सुबह देर से खेत जा रहे हैं और अंधेरा होने से पहले घर लौट आ रहे हैं। खेती-बाड़ी का काम भी प्रभावित होने लगा है।ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनोद गुप्त ने बताया कि गांव में लगातार भय का माहौल बना हुआ है। वन विभाग की टीम निगरानी कर रही है, लेकिन तेंदुए की पुष्टि नहीं होने से लोगों की बेचैनी कम नहीं हो रही।वहीं डिप्टी रेंजर अमित तिवारी ने कहा कि अभी तक कांबिंग के दौरान तेंदुए का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन एहतियात के तौर पर लगातार गश्त और निगरानी जारी रखी गई है।