
संजीव भारती
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी/लखनऊ। गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर शुक्रवार को साहित्य प्रेमियों और समाज कर्मियों ने उनकी साहित्यिक सेवाओं का स्मरण करते हुए वाणी के श्रद्धासुमन अर्पित किए। अवधी साहित्य संस्थान के अध्यक्ष डॉ अर्जुन पांडेय ने कहा कि रवीन्द्र नाथ टैगोर का साहित्य आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रहा है।कवि राम चन्द्र सरस ने कहा कि गुरूदेव ने मानवीय मूल्यों के सजग प्रहरी के रूप में काम किया। समाजशास्त्री डॉ धनंजय सिंह ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर का साहित्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार डॉ सुरेन्द्र प्रताप यादव ने कहा कि गुरुदेव की सबसे मशहूर रचना गीतांजलि आध्यात्मिक और भावनात्मक गीतों का संग्रह है। उनके जन गण मन -- को भारतीय संविधान सभा ने राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया। रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ के हिंदी संस्थान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता, साहित्य, चिकित्सक, शिक्षा, कवित्रियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत बलरामपुर अस्पताल के अधीक्षक डॉ पीके श्रीवास्तव ने दीप प्रजलित प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ सीएम सिंह निदेशक लोहिया एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ विद्या बिंदु सिंह और विशिष्ट अतिथि केजीएमयू दंत विभाग के एच ओ डी डॉ पूरन चंद व अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल अजीज सिद्दीकी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रीमा सिंहा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि टैगोर केवल एक कवि नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, मानवता और विचारधारा के प्रतीक थे।समारोह में डॉक्टर, पत्रकार, कवि, शायर, अधिवक्ता, व्यापारी और समाजसेवी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वक्ताओं ने टैगोर के साहित्य, शिक्षा और मानवीय मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों एवं समाजसेवियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मंच से वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और निष्पक्ष पत्रकार समाज को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें गुरुदेव टैगोर की रचनाओं पर आधारित गीत, कविताएं और प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक और समाज को सकारात्मक संदेश देने वाला बताया।अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही |