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गोशालाओं को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर बिजनेस मॉडल

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पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कृषि और पशुपालन के एकीकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने नई पहल शुरू की है। Yogi Adityanath के विजन के तहत गोशालाओं को आत्मनिर्भर ‘बिजनेस मॉडल’ के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। पशुपालन मंत्री Dharampal Singh ने अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि गोबर आधारित कम्पोस्ट, बायोगैस, जीवामृत और घनामृत के उत्पादन को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक खेती को बढ़ावा देना है।सरकार की योजना के तहत गोबर से उच्च गुणवत्ता वाली खाद तैयार कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जाएगी। इससे बंजर होती जमीन को फिर से उपजाऊ बनाने में मदद मिलेगी।झांसी, चंदौली, कानपुर और बाराबंकी में बायोगैस और जैविक खाद के सफल मॉडल को अब पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। किसानों को सस्ती ऊर्जा के साथ-साथ बेहतर खाद भी मिलेगी।सरकार गुणवत्ता, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी विशेष ध्यान दे रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से जैविक उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी, जबकि कृषि विश्वविद्यालयों को कम लागत वाले मॉडल विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है।