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अमेठी में 102छोटे बड़े पुलों के निर्माण को शासन को भेजी गई 34.3करोड रु की कार्ययोजना

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मालती और मनोरमा नदी पर एक दर्जन स्थानों पर पुल निर्माण की मांग, विधायक महाराजी प्रजापति और एम एल सी गोविंद नारायण शुक्ला ने दिए हैं प्रस्ताव

निर्माण खंड के अन्तर्गत सड़कों पर 50दीर्घ एवं लघु सेतु के निर्माण को बजट की मांग

संजीव भारती/ललित कुमार 

पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। जिले के जनप्रतिनिधियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27में नदी,-नालों‌ पर दीर्घ एवं लघु सेतु के निर्माण के लोक निर्माण विभाग को102प्रस्ताव दिए हैं। सांसद किशोरी लाल शर्मा,एम एल सी गोविंद नारायण शुक्ला,राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, विधायक राकेश प्रताप सिंह,महाराजी प्रजापति और सुरेश पासी की ओर से दिए गए प्रस्तावों के आधार पर लोक निर्माण विभाग ने शासन को 34.3करोड रु की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी है। सबसे अधिक दीर्घ और लघु सेतु निर्माण खंड के अन्तर्गत सड़कों पर बनवाए जायेंगे। दीर्घ एवं लघु सेतु निर्माण की कार्ययोजना में सबसे अधिक 38प्रस्ताव राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की ओर से दिए गए हैं। विधानसभा गौरीगंज में पुल निर्माण के 24प्रस्ताव विधायक राकेश प्रताप सिंह ने दिए हैं। सांसद किशोरी लाल शर्मा ने 12स्थानों पर लघु एवं दीर्घ सेतु के निर्माण के प्रस्ताव दिए हैं। सुरेश पासी की ओर से जगदीशपुर विधानसभा में दिए गए पुल निर्माण कार्य के प्रस्तावों की संख्या 12है। विधायक महाराजी प्रजापति और विधान परिषद सदस्य गोविंद नारायण शुक्ला ने अमेठी विधानसभा में नदी नालों पर सेतु निर्माण के 16प्रस्ताव दिए हैं। विधायक महाराजी प्रजापति के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मालती नदी, मनोरमा नदी और गुलालपुर ड्रेन पर सात स्थानों पर पुल निर्माण कार्य के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। एम एल सी गोविंद नारायण शुक्ला की ओर से दिए गए प्रस्ताव भादर और संग्रामपुर विकास खंड में मालती और मनोरमा नदी पर पुल निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों के आधार पर लोक निर्माण विभाग ने जो कार्ययोजना तैयार कराई है उसमें अनुमानित लागत 3422.75लाख रु आई है।नोडल अधिकारी और अधिशासी अभियंता इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि डी एम की स्वीकृति के बाद शासन को कार्ययोजना भेजी जा चुकी है।शासन की ओर से आगे  अभी और कोई दिशानिर्देश नहीं प्राप्त हुआ है।