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आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं ने जड़ा उप निबंधन कार्यालय पर ताला

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पारदर्शी विकास ब्यूरो कसया, कुशीनगर। महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश के एक आदेश के विरोध में सोमवार को कसया तहसील के अधिवक्ता एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया। अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर उप निबंधन कार्यालय में ताला जड़ दिया और न्यायिक कार्यों से विरत रहते हुए कलमबंद हड़ताल की। इस दौरान अधिवक्ताओं, वसीका नवीसों, स्टाम्प विक्रेताओं, कम्प्यूटर ऑपरेटरों और मुन्शियों ने आदेश को रोजगार विरोधी बताते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद शंकर मिश्र और महामंत्री राजेन्द्र तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं एवं स्टाम्प वेंडरों ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं ने कहा कि महानिरीक्षक निबंधन, लखनऊ के पत्रांक संख्या-2523, दिनांक 4 जून 2026 के लागू होने से प्रदेश भर में अधिवक्ताओं, वसीका नवीसों, स्टाम्प विक्रेताओं, कम्प्यूटर ऑपरेटरों और मुन्शियों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही आम नागरिकों को भी अतिरिक्त आर्थिक और प्रशासनिक बोझ उठाना पड़ेगा।अधिवक्ताओं ने दावा किया कि प्रदेश की विभिन्न तहसीलों की बार एसोसिएशनों से इस आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक संबंधित आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर उसकी प्रतियां सभी न्यायालयों और उप निबंधन कार्यालय को सूचनार्थ भेजने का निर्णय भी लिया गया।अधिवक्ताओं ने सरकार से आदेश पर पुनर्विचार करते हुए इससे जुड़े हजारों लोगों के रोजगार और जनहित को ध्यान में रखने की मांग की। इस दौरान एडवोकेट संजय वर्मा, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, स्टाम्प वेंडर रामविलास यादव, गुलाब प्रसाद, रविन्द्र तिवारी, अतुल कुमार सिंह, शेषनाथ दुबे सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और कर्मचारी उपस्थित रहे।