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विनीत मिनोचा हत्याकांड: 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर सुनवाई, कॉल डिटेल से सामने आईं अहम कड़ियां

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने कारोबारी की बहू शालू समेत तीन आरोपियों को बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला की कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है। कोर्ट में रिमांड आवेदन पर सुनवाई हुई। पेशी के दौरान शालू दुपट्टे से अपना चेहरा छिपाती नजर आई। वह कैमरों से बचने का प्रयास करती रही और पुलिसकर्मियों से भी कैमरों को रोकने के लिए कहती दिखाई दी।पुलिस जांच में अब तक सामने आई कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 5 सितंबर की रात आरोपियों की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या वाली रात अपार्टमेंट में प्रवेश करने के बाद आरोपी विशाल और राजकिशोर परिसर में करीब 48 मिनट तक रहे। इस दौरान दोनों के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत भी हुई।

पहले एक आरोपी के अंदर जाने की थी योजना
पुलिस की पूछताछ के मुताबिक, शुरुआती योजना में एक आरोपी के कारोबारी के फ्लैट के अंदर जाने और दूसरे के बाहर निगरानी करने की बात सामने आई थी। हालांकि, पुलिस के अनुसार विनीत के मजबूत शरीर को देखते हुए दोनों आरोपियों ने साथ में अंदर जाने का फैसला किया। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में आरोपियों की भूमिका और कथित साजिश की कड़ियों की जांच कर रही है।पुलिस ने विशाल, शालू और सुब्रत के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली है। इसके अलावा जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ भी की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि इन जानकारियों से वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों को समझने में मदद मिली है।

हत्या से दो दिन पहले खरीदा गया नया सिम
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, विशाल ने हत्या से दो दिन पहले यानी 3 सितंबर को नया सिम कार्ड खरीदा था। नया सिम लेने के लिए उसने शिवम नाम के आधार कार्ड को पहचान पत्र के तौर पर इस्तेमाल किया था।पुलिस के मुताबिक, नया नंबर इस्तेमाल करने के बाद 3 से 6 सितंबर के बीच विशाल ने शालू से सात बार और सुब्रत से छह बार फोन पर बातचीत की। कॉल डिटेल में यह भी सामने आया कि विशाल ने 1 मई से 6 सितंबर के बीच राजकिशोर से 21 बार बातचीत की थी।पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद 6 सितंबर की सुबह 7:57 बजे विशाल ने नया सिम बंद कर दिया। जांच में इस नंबर के इस्तेमाल, उससे हुई बातचीत और उसके बाद की गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।

48 मिनट तक अपार्टमेंट में रहे दोनों आरोपी

पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर की रात 8:46 बजे विशाल और सुब्रत शालू के कहने पर गजरा लेकर पहुंचे थे। इसके बाद रात करीब 9:38 बजे विशाल और राजकिशोर अपार्टमेंट में दाखिल हुए।करीब 9:50 बजे शालू को सामान देने के बाद दोनों आरोपी अपार्टमेंट परिसर में घूमते रहे। पुलिस के अनुसार इस दौरान विशाल और राजकिशोर के बीच मोबाइल फोन पर तीन बार बातचीत हुई।इसके बाद रात करीब 10:38 बजे दोनों डुप्लीकेट चाबी के जरिए विनीत के फ्लैट में दाखिल हुए। पुलिस के मुताबिक, करीब 20 मिनट बाद 10:58 बजे विनीत घर पहुंचे। उन्हें शालू के कमरे की तरफ से आहट सुनाई दी। कमरे में पहुंचने पर दोनों आरोपी वहां छिपे मिले। इसके बाद उनके बीच संघर्ष हुआ।पुलिस के अनुसार, रात करीब 11:28 बजे दोनों आरोपी फ्लैट से बाहर निकलते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल को एक साथ रखकर घटनाक्रम की जांच कर रही है।

वारदात के बाद दोस्त को फोन
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद विशाल ने नया सिम बंद कर दिया और नए नंबर से उबर कैब बुक की। इसके बाद रात करीब 11:38 बजे उसने मीरपुर कैंट निवासी अपने दोस्त नैतिक वर्मा उर्फ किशन को फोन किया। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई।पुलिस इस कॉल की भी जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि वारदात के बाद विशाल की गतिविधियां क्या थीं और उसने किस-किस व्यक्ति से संपर्क किया।
 

चार घंटे की किटी पार्टी की फुटेज भी कब्जे में
पुलिस ने तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में आयोजित कपल किटी पार्टी की करीब चार घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कब्जे में ली है। पुलिस के अनुसार जिस समय कारोबारी की हत्या हुई, उस दौरान शालू और उसके पति सुब्रत के पार्टी में मौजूद होने और डांस करने से संबंधित फुटेज की भी जांच की जा रही है।जांच में यह देखा जा रहा है कि पार्टी के दौरान आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं और उनका मोबाइल लोकेशन तथा कॉल रिकॉर्ड घटनाक्रम से किस तरह मेल खाते हैं।

पुनीता की 2022 की वसीयत भी जांच में

मामले की जांच के दौरान पुलिस को कारोबारी की पत्नी पुनीता मिनोचा की जून 2022 में तैयार की गई वसीयत का दस्तावेज भी रजिस्ट्री कार्यालय से मिला है। पुलिस इस दस्तावेज की जांच कर रही है।फिलहाल पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वसीयत में संपत्ति किसके नाम की गई थी। पुलिस इस दस्तावेज को भी हत्या के संभावित कारणों की जांच के एक हिस्से के रूप में देख रही है। वसीयत और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, पुलिस ने बहू शालू और कथित सुपारी किलर विशाल से पूछताछ तथा बेटे सुब्रत से क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है। कल्याणपुर इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी ने रिमांड के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई।वहीं शालू की जमानत याचिका पर मंगलवार को जिला जज की अदालत में सुनवाई हुई थी। शालू के अधिवक्ता की ओर से फिलहाल जमानत याचिका पर जोर नहीं दिया गया।पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डुप्लीकेट चाबी, नए सिम कार्ड, कैब बुकिंग, पार्टी की वीडियो रिकॉर्डिंग और वसीयत समेत अन्य दस्तावेजों को जांच का हिस्सा बनाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। मामले में आरोपियों की भूमिका और हत्या के पीछे की वजहों को लेकर पुलिस की जांच जारी है।

नोट: मामले में पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप और जांच में सामने आई बातें जांच का हिस्सा हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।