PARDARSHI VIKASH NEWS सुप्रीम कोर्ट ने ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच सोमवार को राज्यों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। कोर्ट ने 5 मई की सुनवाई में घरों और संस्थानों से निकलने वाले कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग करने के नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए थे। केंद्र सरकार से 24 मई तक राज्यों की रिपोर्ट मांगी गई थी, जिस पर अब सुनवाई होगी। कोर्ट ने कहा था कि हालात “अब या कभी नहीं” जैसे हैं और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना सरकार के साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। नियम लागू कराने के लिए हर जिले में स्पेशल सेल बनाई जाएगी, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शामिल होंगे। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना, बिजली-पानी कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई भी हो सकेगी। हर वार्ड में स्वच्छता समितियां बनाई जाएंगी और गीला-सूखा कचरा अलग न देने वालों के खिलाफ चालान किया जाएगा। कोर्ट ने साफ कहा है कि लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय होगी और पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।