
निर्धारित स्पीड से अधिक और नशे की हालत में वाहन न चलाएं
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा समिति की ओर से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से मोटरयानों/वाहनों के लिए निर्धारित अधिकतम गति के सम्बन्ध में जारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराया जा रहा है।हाल में हुई बड़ी सड़क दुघर्टनाओं को गंभीरता से लेते हुए यातायात पुलिस ने वाहन चालकों और वाहनों की जांच का काम तेज कर दिया है।नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों की जांच के लिए ब्रेश एनेलाइजर और वाहनों की गति की जांच के लिए स्पीड गन का प्रयोग किया जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 6अप्रैल 2018को राजपत्र जारी करके मोटर यानों की गति का निर्धारण किया गया है। एक्सप्रेस वे,फोर लेन की सड़कों,नगर पालिका की सीमा के अंदर की सड़कों और अन्य सड़कों पर अलग-अलग गति निर्धारित की गई है।चालक सीट के साथ आठ सीटों से अनधिक यात्रियों के वहन के लिए एक्सप्रेस वे पर अधिकतम गति सीमा -120किमी प्रति घंटा,फोर लेन की सड़कों पर सौ किलोमीटर प्रति घंटा,नगर पालिका की सीमा के अन्तर्गत सड़कों पर 70किमी प्रति घंटा और अन्य सड़कों पर 70किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है।नौ सीटों वाले चार पहिया वाहनों के लिए एक्सप्रेस वे पर गति सीमा -100किलोमीटर प्रति घंटा,फोर लेन पर 90किमी प्रति घंटा और अन्य सड़कों पर 60किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है।मालवाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 80किमी से 60किमी और मोटर साइकिल सवारों के लिए भी 80किमी से 60किमी निर्धारित की गई है।सड़क सुरक्षा समिति की ओर से निर्धारित गति सीमा के अनुसार मोटर वाहनों/माल वाहनों का संचालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस को दी गई।गुरुवार को मुंशीगंज के पास ट्रक पलटने से तीन मौतें होने के बाद सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के अनुपालन के लिए डी एम की ओर से कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।सड़क सुरक्षा समिति की ओर से इस सम्बन्ध में ट्रैफिक पुलिस और ए आर टी ओ से पत्राचार किया गया है और पिछली बैठक में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के अनुपालन के लिए तैयार की गई कार्ययोजना का शत् प्रतिशत अनुपालन करने पर जोर दिया गया है। जिले की यातायात पुलिस ने जिला मुख्यालय और अन्य प्रमुख स्थानों पर वाहन चालकों और वाहनों की चेकिंग का अभियान शुरू किया है।
दुर्घटना से देर भली, वाहन चालक यदि इस संदेश को अमल में लाएं तो कभी दुर्घटना न हो, अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं नशे की हालत में वाहन चलाने और तेज गति से वाहन चलाने के कारण हो रही हैं।तेज स्पीड के कारण अच्छी सड़कें भी अभिशाप बन रही हैं। यातायात के नियमों का अनुपालन सबसे जरूरी है। सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा का संदेश तभी सफल हो सकता है।- इंजीनियर रमेश चंद्र ,अधिशासी अभियंता