
अधिकांश कार्यालयों में जनसुनवाई कार्य ठप
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी/ तिलोई। सम्पूर्ण समाधान दिवस में जनशिकायतों की संख्या शनिवार को पिछले सम्पूर्ण समाधान दिवस के सापेक्ष दुगुनी रही। सबसे अधिक शिकायतें जिला मुख्यालय की तहसील गौरीगंज तहसील में आई हैं। तिलोई में डी एम संजय चौहान और पुलिस अधीक्षक सर्वानन टी ने स्वयं जनसुनवाई की।डी एम की ओर से सभी सम्पूर्ण समाधान दिवसों में जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और सुबह 10बजे से 12बजे तक कार्यालय में बैठकर जनता की समस्यायों को सुनने के निर्देश दिए जाते हैं।डी एम के निर्देश के अनुपालन के मामले में कई विभागाध्यक्ष लापरवाही कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट और विकास भवन में स्थित कार्यालयों को छोड़कर बाहर स्थित तमाम विभागों के कार्यालयों में सुबह 10बजे से 12बजे तक जनसुनवाई नहीं हो रही है। विकास खंड कार्यालयों का भी यही हाल है। जनसुनवाई न होने और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने का असर शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस में साफ दिखाई दिया। गौरीगंज में 16मई को46शिकायतें आई थीं, सबसे अधिक प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित रहे। 6जून को यहां 90प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए हैं।सात मामले दिवस के दौरान निस्तारित किए गए हैं। तिलोई में शनिवार को डी एम और एस पी के समक्ष फरियादियों की भीड़ बनी रही। यहां 86प्रार्थना पत्र रिकार्ड किए गए हैं। छः प्रार्थना पत्र निस्तारित हुए हैं। 16मई को यहां 24प्रार्थना पत्र आए थे।तहसील अमेठी में सम्पूर्ण समाधान दिवस में 34प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं।दो का निस्तारण किया गया है। यहां 16मई के सम्पूर्ण समाधान दिवस में 25शिकायतें आई थीं।तिलोई में सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिले के सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने गौरीगंज और अपर जिलाधिकारी प्रशासन और न्यायिक ने क्रमशः अमेठी और मुसाफिरखाना में जनसुनवाई की।जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह,सी एम ओ डा अंशुमान सिंह ,डी आई ओ एस डा राजेश द्विवेदी, बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी,उप निदेशक कृषि सत्येन्द्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी राजेश यादव,डी पी आर ओ मनोज कुमार त्यागी, परियोजना निदेशक ऐश्वर्य यादव, उपायुक्त मनरेगा शेर बहादुर, अधीक्षण अभियंता इंजीनियर अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता इंजीनियर रमेश चंद्र, एस डी एम अमित सिंह आदि मौजूद रहे।
माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही क्षम्य नहीं है। लापरवाही सामने आने पर सम्बंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कठोर की जाएगी।-संजय चौहान