
PARDARSHI VIKASH NEWS लखनऊ।उत्तर प्रदेश सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तर प्रदेश श्री जे.पी.एस. राठौर की अध्यक्षता में आज प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों के यूनियन पदाधिकारियों के साथ जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लि0, मुख्यालय-लखनऊ के सभागार में बैठक आयोजित की गई।बैठक में वर्षों से लंबित वेतन पुनरीक्षण के मामलों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया, साथ ही साथ यह भी निर्णय लिया गया कि 16 नवीन लाइसेंस प्राप्त जिला सहकारी बैंकों में से 06 जिला सहकारी बैंक - बहराइच, बलिया, सुल्तानपुर, जौनपुर, सिद्धार्थनगर एवं हरदोई-जहां 30 वर्षों से अधिक समय से वेतन पुनरीक्षण लंबित था, उन्हें वर्ष 2011 का वेतनमान प्रदान किया जाएगा, इसके अतिरिक्त 08 जिला सहकारी बैंक लि0, देवरिया, गाजीपुर, वाराणसी, सीतापुर, अयोध्या, फतेहपुर, आजमगढ़ एवं गोरखपुर जहां 20 वर्षों से अधिक समय से वेतन पुनरीक्षण लंबित था, को भी वर्ष 2011 का वेतनमान दिए जाने का निर्णय लिया गया। निर्णय के अनुसार संबंधित जिला सहकारी बैंकों की प्रबंध समिति प्रस्ताव पारित कर वर्ष 2011 का वेतनमान लागू कर सकेंगी।बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि अन्य 34 जिला सहकारी बैंकों के वेतन पुनरीक्षण के लिए नाबार्ड द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक मानक पूर्ण करने पर लाभ अनुमन्य होगा।बैठक में बैंकों की वित्तीय स्थिति, व्यवसाय, निक्षेपकर्ताओं के भुगतान, बैंकों के कम्प्यूटराइजेशन, एन0पी0ए0 की वसूली एवं ऋण वितरण पर गहन समीक्षा बैंकवार की गयी, साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक एवं नाबार्ड द्वारा निर्धारित मानकों के अनुपालन के सम्बन्ध में भी प्रगति समीक्षा की गयी। मा0 सहकारिता मंत्री जी द्वारा बैंकों के व्यवसाय में वृद्धि हेतु ऋण वितरण पर विशेष बल देते हुये बैंक की साख को बनाये रखने हेतु निक्षेपकर्ताओं के भुगतान को प्राथमिकता प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये। ऋणमोचन योजना के सम्बन्ध में मा0 सहकारिता मंत्री जी द्वारा निर्देशित किया गया कि योजना का लाभ अधिक से अधिक कृषकों को प्राप्त हो, इस हेतु प्राथमिकता के आधार पर आपत्तियों का निराकरण समयान्तर्गत सुनिश्चित किया जाय। प्रमुख सचिव, सहकारिता द्वारा बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार हेतु बैंकों को विकास कार्ययोजना नाबार्ड के दिशा निर्देशानुसार तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये, जिससे बैंकों का पुनरूद्धार कार्यक्रम सफल हो सके। इस हेतु विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि शीघ्र ही विकास कार्ययोजना तैयार कर प्रेषित की जाय।बैठक में श्री अजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव, सहकारिता, उ0प्र0, श्री योगेश कुमार, आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता, उ0प्र0, सभापति श्री जितेन्द्र बहादुर सिंह, उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लि0, श्री अनिल कुमार सिंह, संयुक्त सचिव, सहकारिता, उ0प्र0, शासन, श्री आर0के0 कुलश्रेष्ठ, प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लि0, श्री राजेश कुमार सिंह, अपर प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक के साथ-साथ श्री अजय वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष एवं श्री सुधीर कुमार सिंह, प्रदेश महामंत्री, कोआपरेटिव बैंक इम्प्लाइज यूनियन, उ0प्र0 तथा को-आपरेटिव बैंक्स स्टाफ एसोसियेशन, उ0प्र0 एवं कोआपरेटिव बैंक वर्कर्स यूनियन, उ0प्र0 के पदाधिकारी उपस्थित रहे।यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा मा0 सहकारिता राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार), उ0प्र0 को धन्यवाद ज्ञापित करते हुये आभार व्यक्त किया गया।