
Pardarshi Vikas News Varanasi
दुर्गा कुंड स्थित श्री धर्म संघ शिक्षा मंडल में सहकार भारती उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी बैठक 1 और 2 अप्रैल 2026 को भव्य रूप से सम्पन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं संस्थापक के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 300 पदाधिकारी शामिल हुए, जिन्होंने संगठन की मजबूती, सहकारिता के विस्तार और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन प्रमुख संजय पाचकोर ने कहा कि कर्म ही सबसे बड़ी पूजा है और संगठन के प्रति जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं, इसलिए उनका सम्मान और मार्गदर्शन सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने अनुशासन को संगठन की मूल शक्ति बताते हुए कहा कि व्यक्तिगत भेदभाव भुलाकर संगठन के लिए ईमानदारी से कार्य करना हर कार्यकर्ता का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि फोटो खिंचवाने की परंपरा से अधिक जरूरी है जमीन पर काम करना।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संघ प्रचारक वीरेंद्र जायसवाल ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संगठन को ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को मजबूती मिल सके।राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया ने अपने संबोधन में कहा कि सहकार भारती को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सहकारिता के मॉडल को लागू कर समाज के विकास में योगदान दें। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जो समाज को जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करती है।प्रदेश अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ता सक्रिय और समर्पित रहेंगे, तो संगठन स्वतः ही मजबूत होगा। प्रदेश महामंत्री अरविंद दुबे ने संगठन की योजनाओं और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी जिलों में प्रशिक्षण कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।प्रदेश मंत्री कैलाश नाथ निषाद ने कहा कि सहकार भारती का उद्देश्य समाज में सहकारी भावना को बढ़ावा देना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों को और प्रभावी बनाएं।बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के सुझाव दिए। एक पदाधिकारी ने कहा कि “यदि हम सभी मिलकर काम करें, तो सहकारिता के माध्यम से गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है।” वहीं एक अन्य सदस्य ने कहा कि “संगठन हमें केवल जिम्मेदारी ही नहीं देता, बल्कि समाज के लिए कुछ करने का अवसर भी प्रदान करता है।”कार्यक्रम के समापन पर सभी पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। इस बैठक ने सहकार भारती उत्तर प्रदेश की संगठनात्मक शक्ति को और मजबूती देने के साथ-साथ भविष्य की दिशा भी स्पष्ट की।
“संगठन में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा सबसे महत्वपूर्ण हैं। कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत होते हैं, इसलिए उन्हें सम्मान और जिम्मेदारी दोनों मिलनी चाहिए। हमें आत्मसंतुष्टि के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के हित में पूरी ईमानदारी से कार्य करना होगा।”-संजय पाचपोर (राष्ट्रीय संगठन प्रमुख)

“सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम है। अगर हम मिलकर काम करें तो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है। संगठन के विस्तार के साथ हमें जमीनी स्तर पर काम और तेज करना होगा।”-दीपक चौरसिया (राष्ट्रीय महामंत्री)

“प्रदेश कार्यकारिणी की यह बैठक संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। आने वाले समय में हर जिले में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम चलाकर सहकारिता की सोच को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।”- अरुण सिंह (प्रदेश अध्यक्ष)

“सहकार भारती का उद्देश्य समाज में सहयोग और समन्वय की भावना को मजबूत करना है। संगठन तभी सशक्त होगा जब हर कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाए। आने वाले समय में प्रदेश के सभी जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान चलाकर संगठन को और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि सहकारिता के माध्यम से समाज के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिल सके।”अरविंद दुबे (प्रदेश महामंत्री)
