
PARDARSHI VIKASH NEWS श्रीराम जन्मभूमि परिसर में अब भगवान श्रीराम के पूर्वजों और इक्ष्वाकु वंश की प्रतिमाएं स्थापित नहीं की जाएंगी। इन प्रतिमाओं और उनसे जुड़ी ऐतिहासिक जानकारियों को निर्माणाधीन इंटरनेशनल रामकथा म्यूजियम में स्थान दिया जाएगा, जहां श्रद्धालु डिजिटल कियोस्क और गैलरियों के माध्यम से सूर्यवंश और इक्ष्वाकु वंश का विस्तृत इतिहास देख और समझ सकेंगे।इस म्यूजियम में इक्ष्वाकु वंश को समर्पित एक विशेष गैलरी तैयार की जा रही है, जिसमें सतयुग से लेकर त्रेता और अन्य युगों के प्रमुख राजाओं जैसे हरिश्चंद्र, दिलीप, रघु और भगीरथ की कथाएं और उनके योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही रघुवंश की परंपरा, दानवीरता और धार्मिक कथाओं को भी डिजिटल माध्यम से दिखाया जाएगा, जिससे श्रद्धालु भारतीय संस्कृति और पौराणिक इतिहास को विस्तार से जान सकें।