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पश्चिम बंगाल में आज पेश हो सकता है UCC विधेयक

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PARDARSHI VIKASH NEWS पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार सोमवार को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश कर सकती है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने संकल्प पत्र में सरकार बनने के छह महीने के भीतर राज्य में UCC लागू करने का वादा किया था। 9 मई को नई सरकार के गठन के बाद अब इस दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।प्रस्तावित विधेयक के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति के बंटवारे और गोद लेने जैसे मामलों में धर्म आधारित अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि संविधान के अनुसार अनुसूचित जनजातियों को इसमें विशेष छूट दी जा सकती है।सरकार का कहना है कि UCC का उद्देश्य नागरिक मामलों में समानता लाना है। इसका धार्मिक पूजा-पद्धति, आस्था या परंपराओं से कोई सीधा संबंध नहीं होगा। यह कानून विधानसभा से पारित होने, राज्यपाल की मंजूरी मिलने और अधिसूचना जारी होने के बाद ही लागू होगा।इससे पहले असम विधानसभा मई 2026 में UCC विधेयक पारित कर चुकी है। उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना, जबकि गुजरात UCC विधेयक पारित करने वाला दूसरा राज्य है। गोवा में भी लंबे समय से पुर्तगाली सिविल कोड के तहत समान नागरिक कानून लागू है।समान नागरिक संहिता की मांग आजादी से पहले से उठती रही है। ब्रिटिश काल में भी नागरिक कानूनों में समानता की बात की गई थी। आजादी के बाद संविधान सभा में भी इस विषय पर चर्चा हुई और इसे संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में शामिल किया गया। अब पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित विधेयक पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसके पारित होने पर राज्य UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा।