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प्रयागराज फायरिंग केस: जमानत पर बाहर आईं प्रिंसिपल प्रियदर्शिनी सिंह ने दी सफाई

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PARDARSHI VIKASH NEWS प्रयागराज में 6 मई की रात फाफामऊ ब्रिज के पास हुई कथित फायरिंग और विवाद के मामले में गिरफ्तार होकर जमानत पर रिहा हुईं बिशप जॉनसन स्कूल (जूनियर विंग) की प्रिंसिपल प्रियदर्शिनी सिंह ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है और पूरे मामले में उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई हुई है।प्रियदर्शिनी सिंह ने कहा कि उस रात वह अपने सहकर्मी के साथ कार से जा रही थीं, तभी एक फॉर्च्यूनर सवार समूह ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गंदे इशारे किए। उनके अनुसार कार सवार लोग लगातार पीछा कर रहे थे, जिससे उन्हें डर लगने लगा। उन्होंने बताया कि स्थिति से बचने के लिए उनके सहकर्मी ने एक खिलौना पिस्टल से हवा में फायर किया, जिसके बाद सामने वाली गाड़ी रुक गई और वे लोग वहां से निकल गए।गिरफ्तारी और आरोपइस मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। आरोप है कि फायरिंग की घटना में उनकी भूमिका और उकसाने की बात सामने आई थी। हालांकि कोर्ट ने पर्याप्त सबूत न होने के कारण उन्हें जमानत दे दी। प्रियदर्शिनी सिंह का कहना है कि पुलिस ने बिना पूरी जांच के कार्रवाई की और उनके पिता के साथ भी कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया।पहले भी पीछा करने का आरोपउन्होंने यह भी दावा किया कि 4 अप्रैल को भी ऐसी ही एक घटना हुई थी, जिसमें उनकी गाड़ी का पीछा किया गया और अभद्रता की गई थी। उस समय उन्होंने 112 नंबर पर शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।“मैंने किसी को उकसाया नहीं”प्रिंसिपल का कहना है कि उन्होंने किसी को भी उकसाया नहीं और पूरी घटना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।दूसरा पक्ष क्या हैपीड़ित छात्रनेता रजनीश कुमार सिंह का आरोप है कि 6 मई की रात थार गाड़ी में सवार लोगों ने उनकी फॉर्च्यूनर को ओवरटेक कर फायरिंग की। उन्होंने दावा किया कि हमले में कई राउंड गोलियां चलाई गईं और बाद में गाड़ी छोड़कर आरोपी फरार हो गए। उनका यह भी आरोप है कि महिला प्रिंसिपल ने घटना के दौरान उकसाने वाली बातें कही थीं।पुलिस कार्रवाईपुलिस ने गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के आधार पर जांच करते हुए प्रिंसिपल प्रियदर्शिनी सिंह को गिरफ्तार किया था। बाद में कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई।