
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी । मंगलवार को कृषि विभाग ने खाद की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया है। यूरिया के साथ जबरन अन्य उत्पाद (टैगिंग) बेचने और निर्धारित मूल्य से अधिक पर खाद बेचने की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर पांच दुकानदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।उप कृषि निदेशक सतेंद्र कुमार और जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन ने अलग-अलग क्षेत्रों में दुकानों का निरीक्षण किया। गोसाईंगंज स्थित किसान खाद भंडार पर स्टॉक और बिक्री रजिस्टर की जांच की गई। दुकानदार शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि उन्हें 444 बोरी यूरिया मिली थी, जिसका वितरण हो चुका है।अधिकारियों ने किसान लवकुश से बात की, जिसने बताया कि यूरिया के साथ जिंक भी अनिवार्य रूप से दिया गया था। इसे टैगिंग मानते हुए संबंधित दुकानदार को नोटिस जारी किया गया।महाराजपुर किसान सेवा केंद्र के निरीक्षण में स्टॉक और बिक्री रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिले। दुकानदार प्रमोद कुमार ने बताया कि यूरिया का पूरा स्टॉक पहले ही वितरित हो चुका है।अमित खाद भंडार बंद पाया गया, जिसके दुकानदार अमित अग्रहरि ने फोन पर बताया कि वह बीमार हैं। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि भविष्य में सहायक विकास अधिकारी (कृषि) की उपस्थिति में ही यूरिया का वितरण किया जाए और किसी भी प्रकार की टैगिंग न हो। देव एंड संस इंटरप्राइजेज भी बंद मिला, जिसके संचालक के सुलतानपुर जाने की जानकारी मिली।जिला कृषि अधिकारी ने टीकरमाफी स्थित मेसर्स किसान एग्री जंक्शन केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां रेट बोर्ड प्रदर्शित नहीं था। इस पर भी संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। कृषि विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि किसानों को निर्धारित दर पर और बिना किसी अतिरिक्त उत्पाद की अनिवार्यता के खाद उपलब्ध कराई जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।