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मौलेश्वर नाथ मंदिर में पुरुषोत्तम मास पर श्रद्धालुओं का सैलाब, भोर से देर शाम तक जलाभिषेक

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PARDARSHI VIKASH NEWS अयोध्या जिले में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आदिकालीन बाबा मौलेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भोर तीन बजे मंदिर के कपाट खुलते ही भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजन-अर्चन का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो देर शाम तक जारी रहता है। मंदिर परिसर "ॐ नमः शिवाय" और "बोल बम" के जयघोष से गुंजायमान है।श्रद्धालु शिवलिंग पर दूध, जल, गंगाजल, पुष्प, शमी पत्र, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिर परिसर के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं।आदिकालीन बाबा मौलेश्वर नाथ मंदिर की ख्याति अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी सहित आसपास के जिलों में फैली हुई है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां स्थापित ज्योतिर्लिंग स्वयंभू है, जिसे खोजने के लिए पूर्व में 30 फीट तक खुदाई की गई थी, लेकिन इसका अंत नहीं मिला। मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 1940 में कराया गया था।मंदिर परिसर स्थित सगरा सरोवर को लेकर मान्यता है कि इसमें स्नान करने से चर्म रोगों से राहत मिलती है और इसमें सभी तीर्थों का जल समाहित माना जाता है। परिसर में भगवान राम-सीता, हनुमान, गणेश, काली सहित कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।इसी परिसर से जुड़े महर्षि बम देवता स्थल पर भी हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जहां मान्यता है कि भगवान राम के अनुज भरत का मुंडन संस्कार हुआ था। हजारों वर्ष पुराने वृक्ष इस स्थल की प्राचीनता और धार्मिक महत्व को और मजबूत करते हैं।