
काम का बोझ अधिक,कभी समय से नहीं मिलता मानदेय
मनरेगा कर्मियों को बार बार झूठा आश्वासन दे रही सरकार
संजीव भारती
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। बीबी जी राम जी योजना लागू होने के बाद सरकार ने मनरेगा कार्मिकों की सेवाओं को यथावत रखा है, परंतु मानदेय भुगतान और मानदेय वृद्धि के मामले में कोई स्पष्ट नीति जारी नहीं की है। पिछले पांच सालों से मनरेगा कार्मिकों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई है। कम्प्यूटर आपरेटर, रोजगार सेवक कुशल श्रमिकों से भी कम मानदेय पा रहे हैं।रोजगार सेवकों और मनरेगा कार्मिकों के संगठन की ओर से पिछले पांच साल के बीच दिए गए सभी मांग पत्रों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है।प्रदेश में मनरेगा में काम कर चुके कार्मिकों की संख्या 65हजार के आसपास है। इनमें से 36000रोजगार सेवक है । बाकी तकनीकी सहायक,लेखा सहायक,ए पी ओ , कम्प्यूटर आपरेटर हैं।इन कार्मिकों को कभी भी समय से मानदेय नहीं मिलता।काम में रेगुलर कर्मियों से अधिक करते हैं।वर्तमान समय में कम्प्यूटर आपरेटर का मानदेय 11803रु है। रोजगार सेवकों का मानदेय 7788रु है। मंहगाई के इस दौर में इतने कम पैसों में घर चलाना तो दूर की बात है,जेब खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।बीबी जी राम योजना लागू करने के बाद केंद्र सरकार ने मजदूरी की दरों में वृद्धि की है, परंतु कार्मिकों के मानदेय वृद्धि के मामले में कोई गाइडलाइन नहीं जारी हुई है। वरिष्ठ लेखा सहायक रमेश दुबे ने बताया कि 2021के बाद मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई।बी बी जी राम जी योजना के अन्तर्गत कैसे काम कराना है अभी तक स्पष्ट गाइड लाइन नहीं आई है।पिछले पांच सालों के भीतर अपनी समस्याओं और मांगो को लेकर मनरेगा कार्मिक जिला मुख्यालयों पर कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। लखनऊ में धरना देकर सरकार को मांग पत्र दे चुके हैं। मनरेगा कर्मी पवन कुमार, नदीम, अंजनी कुमार आदि ने बताया कि हर बार आश्वासन मिलता है परंतु पूरा नहीं होता है। अभी तक तो निराशा ही हाथ आई है।
करोड़ों रुपए का भुगतान बकाया
बीबी जी राम जी योजना लागू होने के बाद भी जनपद में मनरेगा के अवशेष भुगतान फाइनल नहीं हुए हैं। मजदूरी और सामग्री अंश में करोड़ों रुपए का भुगतान बाकी है। अधिकांश ग्राम प्रधान अब मैटेरियल पेमेंट की आशा छोड़ चुके हैं। मनरेगा कर्मियों को पिछले चार महीने से मानदेय नहीं मिला है।
एक जुलाई को राजधानी लखनऊ में धरने का आयोजन था। सरकार की ओर से आए प्रतिनिधियों ने एक महीने का समय लिया है। मांग पत्र सौंपा गया है।-पवन कुमार गौतम ,जिला अध्यक्ष