
कानपुर। चकेरी थाना क्षेत्र स्थित केंद्रीय विद्यालय-2 की एक शिक्षिका पर छात्रा द्वारा मानसिक एवं जातिगत प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्रा का आरोप है कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। छात्रा का यह भी कहना है कि स्टाफ रूम में उसके चरित्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं और विरोध करने पर उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता था।परिजनों के अनुसार, मामले की शिकायत लेकर छात्रा के भाई, चाचा और अन्य परिजन 18 जुलाई को चकेरी थाने पहुंचे थे, लेकिन कई दिनों तक उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद मामले की जानकारी छात्रसंघ बहाली मोर्चा को दी गई, जिसने इसे गंभीर मानते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया।
छात्रसंघ बहाली मोर्चा के सदस्य शिवम अवस्थी तथा कोर कमेटी सदस्य एवं कानपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता अनस साहू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। संगठन का दावा है कि उसके हस्तक्षेप और लगातार दबाव के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी शिक्षिका के खिलाफ 12 घंटे के भीतर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।मुकदमा दर्ज होने के बाद छात्रसंघ बहाली मोर्चा ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि यदि संगठन हस्तक्षेप नहीं करता तो पीड़ित छात्रा को न्याय मिलने में और अधिक देरी हो सकती थी। संगठन ने सवाल उठाते हुए कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों पर बिना किसी सामाजिक या छात्र संगठन के दबाव के भी समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।उधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद छात्रा के परिजनों ने पुलिस प्रशासन और छात्रसंघ बहाली मोर्चा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।छात्रसंघ बहाली मोर्चा ने न्यायालय और पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि जांच में शिक्षिका पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र या छात्रा को इस प्रकार की प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।वहीं, मामले में पुलिस का कहना है कि दर्ज शिकायत के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।