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कैंसर नहीं, एम्फिसीमा बना मौत की वजह

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर प्राणी उद्यान के सबसे बुजुर्ग बब्बर शेर 'अजय' की मौत की मेडिकल रिपोर्ट सामने आ गई है। वन्यजीव चिकित्सक डॉ. नासिर ने शनिवार को बताया कि बरेली स्थित आईवीआरआई (IVRI) की हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट में कैंसर की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार अजय की मौत फेफड़ों की गंभीर बीमारी एम्फिसीमा, किडनी फेल होने और कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई।डॉ. नासिर ने बताया कि अजय के फेफड़ों में एम्फिसीमा की स्थिति थी। फेफड़ों में बनी एक गांठ के फटने से अंदरूनी रक्तस्राव हुआ और फेफड़ों में हवा भर गई, जिससे उसे सांस लेने में काफी परेशानी होने लगी। पोस्टमार्टम के दौरान उसके सीने में करीब सात लीटर खून जमा मिला। इसके साथ ही उसकी किडनी भी पूरी तरह खराब हो चुकी थी।उन्होंने बताया कि जंगली जानवर अपनी बीमारी या कमजोरी आसानी से प्रकट नहीं करते। जंगल में जीवित रहने की प्रवृत्ति के कारण शेर और बाघ जैसे शिकारी जानवर अंतिम समय तक सामान्य व्यवहार करने का प्रयास करते हैं। यही कारण था कि गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद अजय अंत तक पिंजरे में घूमता और सामान्य दिखाई देता रहा।डॉ. नासिर के अनुसार, मौत से एक दिन पहले अजय ने खाना छोड़ दिया था। अगले दिन सुबह उसे अचानक खून की उल्टी हुई और अत्यधिक अंदरूनी रक्तस्राव के कारण शरीर में रक्त संचार प्रभावित हो गया। इसके चलते उसे हाइपोवोलेमिक शॉक आया और बाद में कार्डियक अरेस्ट से उसकी मौत हो गई।अजय ने 18 वर्ष, 3 माह और 2 दिन की आयु पूरी करने के बाद अंतिम सांस ली। उसकी मौत से कानपुर प्राणी उद्यान के वन्यजीव प्रेमियों और कर्मचारियों में शोक का माहौल है।