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ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध

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PARDARSHI VIKASH NEWS फर्रुखाबाद। अमृतपुर तहसील सभागार में प्रदेश सरकार की ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने सरकार की नीति के खिलाफ नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।प्रदर्शन का नेतृत्व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने किया। इस दौरान अध्यक्ष विनोद प्रकाश द्विवेदी एडवोकेट, महासचिव गजेंद्र सिंह गहलवार एडवोकेट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पीयूष शुक्ला, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग सिंह, उपसचिव रोशन लाल अवस्थी, कोषाध्यक्ष दीपक मिश्रा, ऑडिटर अशोक सक्सेना और पुस्तकालय अध्यक्ष सुनील कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।अधिवक्ता प्रभाकरदत्त त्रिवेदी ने कहा कि सरकार की नई ई-रजिस्ट्री नीति के तहत रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टांप बिक्री और दस्तावेज लेखन कार्य के निजीकरण से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज इस निर्णय का विरोध करता है और सरकार से मांग करता है कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से रोका जाए तथा रजिस्ट्री प्रक्रिया के निजीकरण पर पुनर्विचार किया जाए। उनका कहना था कि इस व्यवस्था से हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी।प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।प्रभाकरदत्त त्रिवेदी ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अधिवक्ता लखनऊ तक पैदल मार्च कर सरकार तक अपनी बात पहुंचाएंगे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।