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FASTag मैनुअल एंट्री व्यवस्था समाप्त

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पारदर्शी विकास ब्यूरो/उमेश निषाद
हेतिमपुर/देवरिया। भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (IHMCL) द्वारा जारी नीति परिपत्र के तहत 1 मई 2026 से टोल प्लाजा पर वाहन नंबर (VRN) की मैनुअल एंट्री कर टोल शुल्क काटने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब देशभर के अधिकांश टोल प्लाजा पर टोल संग्रह पूरी तरह स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। IHMCL ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि मैनुअल ट्रांजैक्शन नीति विशेष परिस्थितियों में उपयोग के लिए बनाई गई थी, लेकिन समय के साथ इसके दुरुपयोग के मामले सामने आए। कई शिकायतों में ऐसे वाहनों से भी टोल शुल्क कटने की बात सामने आई, जो वास्तव में टोल प्लाजा से गुजरे ही नहीं थे। इससे उपभोक्ताओं की शिकायतों और चार्जबैक मामलों में बढ़ोतरी हुई। नई व्यवस्था के तहत टोल संचालकों को ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) एवं कैमरा आधारित तकनीकों का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि टोल संग्रह अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जा सके। IHMCL के निर्देशानुसार 1 मई 2026 के बाद यदि किसी वाहन का टोल शुल्क मैनुअल एंट्री के माध्यम से काटा जाता है या गलत कटौती की पुष्टि होती है, तो संबंधित एजेंसी पर प्रति मामले 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही सिस्टम इंटीग्रेटर एवं अधिग्रहण बैंक के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हेतिमपुर टोल प्लाजा के टोल मैनेजर सतेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि IHMCL की नई व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हो चुकी है। उन्होंने कहा, "इस निर्णय से टोल प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। अब टोल कटौती पूरी तरह तकनीक आधारित हो रही है, जिससे वाहन स्वामियों को गलत कटौती जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। यात्रियों को अपने FASTag को सक्रिय रखने और पर्याप्त बैलेंस बनाए रखने की सलाह दी जाती है, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यह कदम डिजिटल इंडिया और स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा और अधिक सुगम, सुरक्षित तथा विश्वसनीय बन रही है।