
महाराजपुर थाना क्षेत्र स्थित पुरवामीर में सोमवार को एसएससी जीडी परीक्षा केंद्र पर भारी अव्यवस्था के चलते अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। परीक्षार्थियों का आरोप है कि केंद्र प्रशासन की लापरवाही और तकनीकी गड़बड़ी के कारण उनकी परीक्षा प्रभावित हुई, जिसके बाद परीक्षा को निरस्त करना पड़ा।घटना पुरवामीर स्थित “श्रीमती रामकली इकबाल बहादुर ऑनलाइन सेंटर” की है, जहां एसएससी जीडी की दूसरी पाली की परीक्षा आयोजित की जानी थी। जानकारी के अनुसार, केंद्र की क्षमता केवल 398 सीटों की थी, लेकिन यहां करीब 900 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए बुला लिया गया। इससे परीक्षा शुरू होने से पहले ही अव्यवस्था फैल गई और अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ने लगी।सूचना मिलते ही मौके पर उत्तर प्रदेश पुलिस का पुलिस बल पहुंच गया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन की ओर से समय रहते कोई सूचना नहीं दी गई और न ही किसी प्रकार का नोटिस लगाया गया।
बांदा से परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी शिवम ने बताया कि वह सुबह तीन बजे घर से निकले थे और आने-जाने समेत करीब एक हजार रुपये खर्च हो गए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए इतना आर्थिक बोझ उठाना आसान नहीं होता। वहीं एटा से आए राहुल नामक परीक्षार्थी ने बताया कि उनके करीब दो हजार रुपये खर्च हुए, लेकिन परीक्षा केंद्र की अव्यवस्था के कारण परीक्षा नहीं हो सकी।
अभ्यर्थियों के मुताबिक परीक्षा शुरू होने से लगभग आधा घंटा पहले हंगामा शुरू हो गया था। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की गलती के कारण कुछ छात्रों का लॉगिन पहले ही हो गया था। इसके अलावा बैग जमा कराने के नाम पर लिए गए पैसे भी वापस नहीं किए गए। परीक्षार्थियों का कहना है कि सुबह की पाली की परीक्षा भी निरस्त कर दी गई थी।मामले में सेंटर प्रभारी मुफीद और सिटी हेड शुभम दीक्षित ने सफाई देते हुए बताया कि सर्वर की तकनीकी गड़बड़ी के कारण एसएससी की ओर से निर्धारित क्षमता से अधिक सीटें आवंटित हो गईं। करीब साढ़े तीन सौ सीटों के स्थान पर 841 सीटें आवंटित कर दी गईं, जिससे परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई।अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल परीक्षा निरस्त कर दी गई है। अब नई परीक्षा तिथि एसएससी के आधिकारिक पोर्टल पर जारी होने के बाद ही दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। मौके पर पहुंचे डीसीपी पूर्वी ने अभ्यर्थियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। वहीं परीक्षार्थियों ने मांग की है कि दोबारा परीक्षा जल्द कराई जाए और छात्रों के नुकसान की जिम्मेदारी तय की जाए।