
पारदर्शी विकास ब्यूरो, देवरिया देवरिया जनपद के स्वास्थ्य विभाग में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों CHC के अधीक्षकों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी CMO को अपना सामूहिक त्यागपत्र सौंप दिया। अधीक्षकों का आरोप है कि वे बेहद कम संसाधनों और डॉक्टरों की भारी कमी के बावजूद 24 घंटे पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं, लेकिन CMO द्वारा उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।CMO को भेजे गए पत्र में अधीक्षकों ने लिखा कि देवरिया जनपद में डॉक्टरों के कुल 215 स्वीकृत पदों के सापेक्ष मात्र 103 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। आधे से भी कम डॉक्टर होने के बावजूद सभी अधीक्षक और चिकित्सा कर्मी पूरी ईमानदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं। सीमित मानव संसाधन में भी इमरजेंसी सेवाएं, पोस्टमार्टम, OPD और सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को सफलता के साथ संपादित किया जा रहा है।इसके बावजूद CMO के रवैये से वे आहत हैं। पत्र में स्पष्ट लिखा गया है।आपके मानसिक उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर शनिवार को अधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के पद से सामूहिक त्यागपत्र दे रहे हैं।केवल प्रशासनिक पद से इस्तीफा इस्तीफा देने वालों में लार, रुद्रपुर, भाटपाररानी, तरकुलवा, गौरी बाजार समेत जनपद के समस्त CHC के प्रभारी शामिल हैं। अधीक्षकों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे केवल प्रशासनिक पद अधीक्षक से इस्तीफा दे रहे हैं, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो। वे सभी डॉक्टर के रूप में अपनी चिकित्सीय सेवाएं निरंतर जारी रखेंगेइस सामूहिक इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद जिले के प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है। अब देखना होगा कि इस मामले में उच्च अधिकारियों और शासन स्तर से क्या कार्रवाई की जाती है।