
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। लखनऊ स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में रविवार को ऑनलाइन पालि भाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन भदन्ताचार्य बुद्ध दत्त पालि संवर्धन प्रतिष्ठान की ओर से किया गया। कार्यशाला में प्रो. डॉ. प्रफुल्ल गडपाल और डॉ. कीर्ति राज लोणारे ने प्रतिभागियों को पालि भाषा के व्याकरण, उच्चारण और मूल संरचना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पालि भाषा बुद्ध वाणी है और बौद्ध धर्म के ग्रंथों को समझने के लिए इसका अध्ययन आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान त्रिपिटक और बौद्ध साहित्य में पालि भाषा की उपयोगिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक रही।