
PARDARSHI VIKASH NEWS प्रसिद्ध सूफी गायक कैलाश खेर शुक्रवार को वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान कैलाश खेर ने नाचते हुए “बम लहरी” भजन सुनाया, जिसे सुनकर संत प्रेमानंद महाराज मुस्कुरा पड़े। इससे पहले उन्होंने बांके बिहारी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। गुरुवार देर शाम वृंदावन पहुंचे कैलाश खेर एक पांच सितारा होटल में ठहरे और फिर बांके बिहारी मंदिर पहुंचे, जहां करीब आधे घंटे तक पूजा-अर्चना की। मंदिर में उनके प्रशंसकों के बीच फोटो खिंचवाने की होड़ लगी रही। फूल बंगला में विराजमान भगवान बांके बिहारी की छवि देखकर कैलाश खेर भाव-विभोर हो गए। उन्होंने मंदिर की देहरी पर इत्र लगाया और सेवायत मोहित गोस्वामी ने उन्हें भगवान का प्रसादी अंग वस्त्र और प्रसाद भेंट किया।शुक्रवार सुबह कैलाश खेर रमण रेती क्षेत्र स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर भजन प्रस्तुत किए। उन्होंने संत को मोर पंख से बनी माला पहनाकर हाथ जोड़कर अभिनंदन किया। आश्रम में सेवादारों ने दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया। संत प्रेमानंद महाराज ने उनसे हालचाल पूछा तो कैलाश खेर ने मुस्कुराते हुए कहा, “मस्त हैं।” इसके बाद उन्होंने माइक संभालकर भजन गाना शुरू किया। भजन के दौरान कैलाश खेर अचानक नाचने लगे, जिसे देखकर संत प्रेमानंद महाराज मुस्कुराने लगे। करीब डेढ़ मिनट तक चले “बक्कड़ बम लहरी” भजन के बाद संत ने कहा, “बहुत सुंदर।” इसके बाद कैलाश खेर ने अपने खास अंदाज में “5 वर्ष की मीरा लाडली हो, सखियां में खेला जाए री सुन राणा बाई री” भजन भी सुनाया। भजन सुनने के बाद संत प्रेमानंद महाराज ने उनकी आवाज की सराहना की। अंत में कैलाश खेर ने संत से आशीर्वाद लिया और वहां से रवाना हो गए।