
नई दिल्ली। गुजरात भवन, नई दिल्ली में डीएनटी डेवलपमेंट फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें देशभर की विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों के विकास और कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में डीएनटी डेवलपमेंट फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विमुक्त घुमंतू जनजाति समुदाय विकास एवं कल्याण बोर्ड, भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सदस्य भारत भाई पटनी सहित संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कैलाश नाथ निषाद, मीडिया प्रभारी सुशील कुमार, राष्ट्रीय संगठन मंत्री धर्मवीर सिंह गुर्जर, हरि सिंह पहलवान, कुलदीप तथा अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक विकास को लेकर व्यापक मंथन किया गया।बैठक में निर्णय लिया गया कि देश के विभिन्न राज्यों में जनजातीय समुदायों की समस्याओं, अधिकारों और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर चिंतन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से समुदाय के लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके समाधान के लिए सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई। प्रदेश अध्यक्ष कैलाश नाथ निषाद ने बताया कि राज्य के सभी 75 जिलों में चरणबद्ध तरीके से चिंतन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विमुक्त एवं घुमंतू जातियों के लोगों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।बैठक में कानपुर और लखनऊ में होने वाले पहले दो चिंतन शिविरों की घोषणा भी की गई। इसके अनुसार 1 जुलाई को कानपुर तथा 5 जुलाई को लखनऊ में चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों और मंडलों में भी कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी।पदाधिकारियों ने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियां लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का सामना कर रही हैं। ऐसे में उनकी आवाज को मजबूत मंच प्रदान करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण साबित होगा। बैठक में समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने पर भी सहमति बनी।

विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों के उत्थान के लिए देशभर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। चिंतन शिविरों के माध्यम से समुदाय की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाकर उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा। हमारा लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और अधिकारों का लाभ पहुंचाना है।-भारत भाई पटनी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, डीएनटी डेवलपमेंट फाउंडेशन एवं सदस्य, विमुक्त घुमंतू जनजाति विकास एवं कल्याण बोर्ड)
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में चिंतन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विमुक्त एवं घुमंतू समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा। संगठन समाज की आवाज को मजबूती देने और उनके अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करेगा।-कैलाश नाथ निषाद (प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश)
संगठन देशभर में जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क तैयार कर रहा है। चिंतन शिविर केवल चर्चा का मंच नहीं होंगे, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान का माध्यम बनेंगे। हमारा प्रयास है कि विमुक्त एवं घुमंतू समुदाय को सम्मान, पहचान और विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।-धर्मवीर सिंह (राष्ट्रीय संगठन मंत्री, डीएनटी डेवलपमेंट फाउंडेशन)
विमुक्त और घुमंतू समाज के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। संगठन समाज के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझेगा और समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करेगा। चिंतन शिविरों के माध्यम से समाज को संगठित और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।-हरी सिंह पहलवान (दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष, डीएनटी डेवलपमेंट फाउंडेशन)