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वीबी-जी-राम-जी योजना से मजदूरी दरों में बढ़ोतरी

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उत्तर प्रदेश में मनरेगा के सापेक्ष 48रु बढ़ी मजदूरी
केरल, हरियाणा,गोवा,केरल और सिक्किम में 400रु से अधिक मिलेगी मजदूरी

संजीव भारती 
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। 
रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन -ग्रामीण-बीबी-जी राम जी -विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन -ग्रामीण योजना बुधवार एक जुलाई से पूरे प्रदेश में लागू हो गई है। योजना के बारे में ग्रामीणों को जानकारी देने के लिए प्रदेश के जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मनरेगा बंद होने के बाद बीबी-जी राम जी योजना ने मजदूरों पर बड़ी कृपा बरसाई है। 30जून को केंद्र सरकार ने मजदूरी की दरें बढ़ा दी हैं। मनरेगा की मजदूरी की दरों के सापेक्ष बीबी-जी राम जी योजना में मजदूरी 48रू से 198रु बढ़ गई है। मनरेगा में साल में सौ दिन रोजगार की गारंटी दी गई थी,बीबी-जी राम जी योजना में साल भर में 125दिन रोजगार की गारंटी दी गई है।भारत का राजपत्र -ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से तीस जून को जारी अधिसूचना में सभी राज्यों में मजदूरी की दरों में वृद्धि की गई है।देश के चार राज्यों में मजदूरी चार सौ रुपए से ऊपर है। उत्तर प्रदेश में मनरेगा में मजदूरी 252रु थी।बीबी जी राम जी योजना में मजदूरी की दर तीन सौ रुपए निर्धारित है।ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सिक्किम राज्य की तीन ग्राम पंचायतों ज्ञानथांग,लाचुंग और लाचेन में मजदूरी की दर450रु निर्धारित है। अन्य ग्राम पंचायतों में मजदूरी 300रु रहेगी। हरियाणा में प्रतिदिन मजदूरी -409रु,गोवा में 406रु और केरल में 401रू प्रतिदिन होगी। आंध्रप्रदेश में 312रु, हिमाचल प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र में 375रु , कर्नाटक में 382, महाराष्ट्र में 317, तमिलनाडु में 345रु,, तेलंगाना में 308रु, अंडमान जिले में 348और निकोबार जिले में 367रु प्रतिदिन मजदूरी दर निर्धारित की गई है। पुदुचेरी में 347और लक्षद्वीप में 348रु प्रतिदिन मजदूरी की दरें निर्धारित की गई हैं।मनरेगा के सापेक्ष बीबी जी राम जी योजना में मजदूरी बढ़ने से ग्रामीण अंचल के मजदूरों का पलायन रुकेगा और ग्राम प्रधानों को काम कराने में आसानी होगी। अवकाश प्राप्त डी डी ओ एम पी चौबे ने कहा कि नई स्कीम में मजदूरी की दरें बढ़ने से ग्राम प्रधानों को  आसानी होगी। मजदूर मिल जायेंगे  । उत्तर प्रदेश में मजदूरी का मार्केट रेट 400रु से कम नहीं है। केन्द्र सरकार को मार्केट रेट देखते हुए मजदूरी की दरों को संशोधित करना चाहिए।स्कीम अभी बिल्कुल नयी है, इसलिए इसके बारे में बहुत कुछ नहीं कहा जा सकता है। रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन -ग्रामीण-बीबी-जी राम जी -विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन -ग्रामीण योजना बुधवार एक जुलाई से पूरे प्रदेश में लागू हो गई है। योजना के बारे में ग्रामीणों को जानकारी देने के लिए प्रदेश के जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मनरेगा बंद होने के बाद बीबी-जी राम जी योजना ने मजदूरों पर बड़ी कृपा बरसाई है। 30जून को केंद्र सरकार ने मजदूरी की दरें बढ़ा दी हैं। मनरेगा की मजदूरी की दरों के सापेक्ष बीबी-जी राम जी योजना में मजदूरी 48रू से 198रु बढ़ गई है। मनरेगा में साल में सौ दिन रोजगार की गारंटी दी गई थी,बीबी-जी राम जी योजना में साल भर में 125दिन रोजगार की गारंटी दी गई है।भारत का राजपत्र -ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से तीस जून को जारी अधिसूचना में सभी राज्यों में मजदूरी की दरों में वृद्धि की गई है।देश के चार राज्यों में मजदूरी चार सौ रुपए से ऊपर है। उत्तर प्रदेश में मनरेगा में मजदूरी 252रु थी।बीबी जी राम जी योजना में मजदूरी की दर तीन सौ रुपए निर्धारित है। ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सिक्किम राज्य की तीन ग्राम पंचायतों ज्ञानथांग,लाचुंग और लाचेन में मजदूरी की दर450रु निर्धारित है। अन्य ग्राम पंचायतों में मजदूरी 300रु रहेगी। हरियाणा में प्रतिदिन मजदूरी -409रु,गोवा में 406रु और केरल में 401रू प्रतिदिन होगी। आंध्रप्रदेश में 312रु, हिमाचल प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र में 375रु , कर्नाटक में 382, महाराष्ट्र में 317, तमिलनाडु में 345रु,, तेलंगाना में 308रु, अंडमान जिले में 348और निकोबार जिले में 367रु प्रतिदिन मजदूरी दर निर्धारित की गई है। पुदुचेरी में 347और लक्षद्वीप में 348रु प्रतिदिन मजदूरी की दरें निर्धारित की गई हैं।

 

 

 

 मजदूरों का पलायन कम होगा,दूर होगी ग्राम प्रधानों की समस्या 
मनरेगा के सापेक्ष बीबी जी राम जी योजना में मजदूरी बढ़ने से ग्रामीण अंचल के मजदूरों का पलायन रुकेगा और ग्राम प्रधानों को काम कराने में आसानी होगी। अवकाश प्राप्त डी डी ओ एम पी चौबे ने कहा कि नई स्कीम में मजदूरी की दरें बढ़ने से ग्राम प्रधानों को  आसानी होगी। मजदूर मिल जायेंगे  । उत्तर प्रदेश में मजदूरी का मार्केट रेट 400रु से कम नहीं है। केन्द्र सरकार को मार्केट रेट देखते हुए मजदूरी की दरों को संशोधित करना चाहिए।स्कीम अभी बिल्कुल नयी है, इसलिए इसके बारे में बहुत कुछ नहीं कहा जा सकता है।