news-details

तीन स्वर्ण पदकों से सम्मानित हुईं कृतिका मिश्रा, एमबीए में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिली बड़ी उपलब्धि

You can share this post!

 

pardarshi vikas news kanpur
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के दीक्षांत समारोह में स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट की छात्रा कृतिका मिश्रा ने शानदार शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करते हुए तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। एमबीए परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें दो चांसलर स्वर्ण पदक और एक वाइस चांसलर स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया कृतिका मिश्रा ने एमबीए के चारों सेमेस्टर में कुल 2253 अंक (2800 में से) प्राप्त कर 80.56 प्रतिशत अंक हासिल किए। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें स्वर्गीय जुगल देवी गुप्ता स्मारक स्वर्ण पदक (चांसलर स्वर्ण पदक), जे.के. स्वर्ण पदक (चांसलर स्वर्ण पदक) तथा वाइस चांसलर स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।

छात्रा कृतिका मिश्रा

कृतिका मिश्रा, विनोद कुमार मिश्रा एवं समाजसेवी कंचन मिश्रा की पुत्री हैं। उन्होंने स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से एमबीए की पढ़ाई पूरी करते हुए विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन दर्ज कराया। उनकी इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के साथ-साथ परिवार और शुभचिंतकों ने भी गर्व का विषय बताया।दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्य मंत्री रजनी तिवारी, एआईसीटीई के चेयरमैन योगेश सिंह तथा विश्वविद्यालय के कुलपति विनय कुमार पाठक सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सम्मान प्राप्त करने के बाद कृतिका मिश्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता तथा भाई-बहनों के निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और परिवार के विश्वास के कारण ही वे यह मुकाम हासिल कर सकीं। भविष्य में भी वे शिक्षा और प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर समाज के लिए योगदान देने का प्रयास करेंगी। कृतिका की इस उपलब्धि पर ब्रह्मकुमार द्विवेदी, शिव शंकर शुक्ला, सुनील पांडेय, मुकेश पुरवार, संध्या पाण्डेय, अर्चना पुरवार, अरुण कुमार द्विवेदी (बब्बून), डॉ. पुष्पा शर्मा, कविता सिसौदिया सहित अनेक लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। क्षेत्र के लोगों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि कृतिका ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार बल्कि विश्वविद्यालय और जनपद का भी नाम रोशन किया है।