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सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और प्लॉटिंग का आरोप

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Pardarshi Vikas News Kushinagar
जिले के कप्तानगंज तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग और बिक्री किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह मामला नगर पंचायत क्षेत्र के सुभाष चौक से किसान चौक जाने वाली नहर के पश्चिम स्थित एक कॉलोनी का है, जहां बड़े स्तर पर भूमि घोटाले की आशंका जताई जा रही है।स्थानीय निवासी संतोष जायसवाल ने जिला प्रशासन को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि नैनूमल सिंधी कॉलोनी के पास नहर की पटरी पर स्थित आराजी संख्या 736 ख और 738 ख की करीब 23 डिसमिल सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। आरोप है कि इस जमीन को अवैध रूप से प्लॉटिंग कर लगभग 22 लाख रुपये प्रति डिसमिल के हिसाब से बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं, कुछ स्थानों पर मकान निर्माण भी कर दिया गया है, जिससे सिंचाई विभाग की संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है।शिकायत में अनिल, दीपक, अरुण और उमेश (पुत्र मनोहर लाल) पर कब्जा कर जमीन बेचने का आरोप लगाया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि कागजी हेरफेर के जरिए नाम और पिता के नाम में मामूली बदलाव कर बेनामी संपत्तियां तैयार की गई हैं।संतोष जायसवाल का कहना है कि यह संगठित तरीके से किया जा रहा जमीन घोटाला है, जिसमें स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नहर की जमीन का सीमांकन कराया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, बेनामी संपत्तियों की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अदालत के आदेशों के बावजूद तहसील प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले बढ़े हैं।इधर, प्लॉटिंग की वैधता पर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा कहीं भी प्लॉटिंग की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में इस तरह की खरीद-फरोख्त पूरी तरह अनाधिकृत और नियमों के विरुद्ध है।मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम कप्तानगंज ने जांच कराने की बात कही है। वहीं जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने भी प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जांच टीम गठित कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस कथित घोटाले पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।