
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। साकेत नगर स्थित खजुराहो इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में सहकार भारती की जिला बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, सहकारिता के प्रचार-प्रसार तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री अरविंद दुबे मुख्य अतिथि रहे, जबकि विभाग प्रमुख नीरज त्रिपाठी एवं प्रदेश विधि प्रकोष्ठ प्रमुख दिनेश कटियार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद सभी अतिथियों और पदाधिकारियों का तिलक एवं अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया। बैठक में जिला कार्यकारिणी के सदस्यों ने संगठन के विस्तार, विभिन्न प्रकोष्ठों की सक्रियता, जनसंपर्क और स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं को प्रदेश नेतृत्व के सामने रखा, जिन पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।अपने संबोधन में प्रदेश महामंत्री अरविंद दुबे ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर, संगठित और स्वावलंबी बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), आवास, विधि सहित सभी प्रकोष्ठों को अधिक सक्रिय बनाते हुए गांव-गांव तक सहकारिता का संदेश पहुंचाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ने का आह्वान किया।अरविंद दुबे ने बताया कि अगस्त माह में एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी शामिल होंगे। प्रशिक्षण में संगठन की कार्यप्रणाली, विभिन्न प्रकोष्ठों की भूमिका, जनसंपर्क अभियान और सहकारिता के माध्यम से आमजन को मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन को मजबूत बना सकते हैं।उन्होंने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की गतिविधियों की जानकारी साझा करते हुए आय-व्यय, बचत, जनसहयोग, गिफ्टिंग तथा संगठनात्मक कार्यक्रमों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। साथ ही पिछले आयोजनों में सेवा कार्यों में लगे 45 से 50 कार्यकर्ताओं का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करते हुए उनके समर्पण की सराहना की।बैठक के दौरान आवास प्रकोष्ठ के साहब अनवर लॉरी ने कहा, "हमें दायित्व मिले काफी समय हो गया है, लेकिन हमें यह जानना जरूरी है कि हमारी भूमिका क्या है, हमें किस प्रकार कार्य करना है और सहकारिता के माध्यम से आम जनता तक योजनाओं का लाभ कैसे पहुंचाना है। यदि कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से समझेंगे, तभी संगठन का उद्देश्य सफल होगा।"वहीं जिला मंत्री विकास तिवारी ने सुझाव दिया कि संगठन की कार्यकारिणी के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "जब आम जनता हमसे सहकार भारती के बारे में पूछती है तो हमें प्रत्येक प्रकोष्ठ की भूमिका और उससे मिलने वाले लाभ की पूरी जानकारी होनी चाहिए। अभी कई कार्यकर्ताओं के पास यह जानकारी नहीं है। यदि नियमित वर्कशॉप होगी तो सभी पदाधिकारी बेहतर तरीके से जनता का मार्गदर्शन कर सकेंगे और संगठन का विस्तार भी तेजी से होगा।"बैठक में जिला अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह, जिला महामंत्री चंद्र प्रकाश अग्निहोत्री, सुमन गुप्ता, रूकमपाल सिंह, नवीन गुप्ता, अमित कृष्ण तिवारी, पीयूष अग्निहोत्री, अरुण शर्मा, धर्मेंद्र बाजपेयी, साहब अनवर लॉरी, अभिषेक मिश्रा, संजय शुक्ला, विवेक द्विवेदी, विजय कुमार द्विवेदी, वेद प्रकाश तिवारी, पवन कुमार, संजीव पांडे, अविनाश शुक्ला, विशाल त्रिपाठी, ऋतु चौरसिया, विकास तिवारी, जगनायक प्रधान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में सभी ने सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने, संगठन का विस्तार करने तथा जनहित में सक्रिय भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।
हमें दायित्व मिले काफी समय हो गया है, लेकिन हमें यह जानना जरूरी है कि हमारी भूमिका क्या है, हमें किस प्रकार कार्य करना है और सहकारिता के माध्यम से आम जनता तक योजनाओं का लाभ कैसे पहुंचाना है। यदि कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से समझेंगे, तभी संगठन का उद्देश्य सफल होगा।"-आवास प्रकोष्ठ के साहब अनवर लॉरी

संगठन की कार्यकारिणी के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की जानी चाहिए। "जब आम जनता हमसे सहकार भारती के बारे में पूछती है तो हमें प्रत्येक प्रकोष्ठ की भूमिका और उससे मिलने वाले लाभ की पूरी जानकारी होनी चाहिए। अभी कई कार्यकर्ताओं के पास यह जानकारी नहीं है। यदि नियमित वर्कशॉप होगी तो सभी पदाधिकारी बेहतर तरीके से जनता का मार्गदर्शन कर सकेंगे और संगठन का विस्तार भी तेजी से होगा।"-जिला मंत्री विकास तिवारी

"सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर, संगठित और सशक्त बनाने का जनआंदोलन है। हमारा लक्ष्य सहकार भारती की विचारधारा को गांव-गांव और प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना है। इसके लिए संगठन के सभी प्रकोष्ठों को सक्रिय होकर आमजन के बीच काम करना होगा। अगस्त माह में आयोजित होने वाला प्रशिक्षण वर्ग कार्यकर्ताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा, जिसमें राष्ट्रीय नेतृत्व मार्गदर्शन देगा। प्रशिक्षित और जागरूक कार्यकर्ता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत हैं। हमें सेवा, पारदर्शिता और जनसहयोग के माध्यम से सहकारिता को जन-जन का आंदोलन बनाना है।"-अरविंद दुबे ,प्रदेश महामंत्री

"सहकार भारती का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि सहकारिता की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। इसके लिए हर कार्यकर्ता को अपने दायित्व, संगठन की कार्यप्रणाली और विभिन्न प्रकोष्ठों की भूमिका की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है। जब कार्यकर्ता स्वयं प्रशिक्षित और जागरूक होंगे, तभी वे आमजन को योजनाओं और सहकारिता के लाभों से जोड़ पाएंगे। संगठन नियमित प्रशिक्षण, संवाद और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। सभी पदाधिकारियों को सेवा भाव के साथ सक्रिय होकर संगठन को और मजबूत बनाना होगा।"-नीरज त्रिपाठी,विभाग प्रमुख
