
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल की अध्यक्षता में सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सफाई कर्मचारियों के अधिकार, सामाजिक सम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण, मुआवजा और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक के दौरान उपाध्यक्ष ने सफाई कार्य के दौरान हो रही मौतों और सुरक्षा उपकरण न दिए जाने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट 2011 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है, जिसके कारण कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ रही है। उन्होंने अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए सख्त सवाल उठाए और निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को 15 से 20 दिनों के भीतर मुआवजा दिया जाए।हरदीप सिंह गिल ने यह भी कहा कि यदि आदेशों का पालन नहीं हुआ तो जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और कमिश्नर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि फ्री सेफ्टी किट उपलब्ध कराने के बावजूद दुर्घटनाएं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।बैठक में एक पीड़ित परिवार भावुक हो उठा, जिसने बताया कि 2011 में हुई मौत के बाद 30 लाख रुपये की बजाय केवल 75 हजार रुपये ही दिए गए और बाकी मुआवजा आज तक नहीं मिला। इस पर आयोग ने मामले की जांच कर समाधान का आश्वासन दिया।