
पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के सचिव भुवन द्वारा मंगलवार को जिला कारागार देवरिया का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जेल में निरुद्ध बंदियों की स्थिति, सुविधाओं और विधिक सहायता व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया गया।जांच में सामने आया कि जनपद कुशीनगर से संबंधित कुल 844 बंदी कारागार में निरुद्ध हैं। इनमें 106 सिद्धदोष बंदी (102 पुरुष, 4 महिला) तथा 683 विचाराधीन बंदी (631 पुरुष, 26 महिला) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 26 अल्पवयस्क, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत 6 बंदी, 2 सिविल बंदी तथा 2 विदेशी बंदी भी निरुद्ध पाए गए। महिला बंदियों के साथ 3 बच्चे भी कारागार में रह रहे हैं।निरीक्षण के दौरान सचिव ने बैरकों, पाकशाला, चिकित्सालय और महिला बैरक का निरीक्षण करते हुए भोजन, साफ-सफाई, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाएं जेल मैनुअल के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं।बंदियों से बातचीत के दौरान किसी ने भी गंभीर समस्या नहीं बताई। सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने लीगल एड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया और वहां तैनात पीएलवी को निर्देशित किया कि सभी बंदियों को समय पर विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। पात्र बंदियों की रिहाई हेतु आवश्यक प्रक्रिया भी प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।इस अवसर पर जेल अधीक्षक आशीष रंजन, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल त्रिपाठी, डॉ. हरिपाल विश्वकर्मा सहित अन्य प्रशासनिक एवं विधिक अधिकारी उपस्थित रहे।