
PARDARSHI VIKASH NEWS सुमेरू पीठाधीश्वर Shankaracharya Narendraanand Saraswati ने निर्माण दिवस कार्यक्रम के दौरान देश के सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी राय रखी। यह आयोजन ब्रह्मलीन शंकराचार्य शंकरानंद सरस्वती के 35वें निर्माण दिवस पर हुआ, जिसमें धार्मिक अनुष्ठान और संतों की गोष्ठी भी शामिल थी।शंकराचार्य ने कहा कि धर्मांतरण को वे “राष्ट्रांतरण” मानते हैं और इसे देशहित के खिलाफ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिरों का नियंत्रण सरकार के बजाय हिंदू समाज के हाथ में होना चाहिए। साथ ही उन्होंने समान शिक्षा नीति और समान नागरिक संहिता को समय की जरूरत बताया।उन्होंने समाज में जागरूकता और गौसंरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि संतों का कार्य धर्म जागरण करना है, जिससे एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।आर्थिक और वैश्विक मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया और कहा कि संसाधनों का सीमित और समझदारी से उपयोग जरूरी है। उन्होंने सोने और आधुनिक संसाधनों के अधिक उपयोग को सामाजिक समस्याओं और अपराध से जोड़ते हुए संयम की बात कही।इसके अलावा उन्होंने ज्योतिष को एक महत्वपूर्ण विद्या बताया और सनातन धर्म को लेकर सकारात्मक टिप्पणी करते हुए इसे राष्ट्रहित से जोड