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रिश्वत के आरोप में लेखपाल पर जांच के आदेश

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पारदर्शी विकास ब्यूरो महोबा। तहसील सदर में तैनात लेखपाल अर्पित पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायत पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद सचिवालय ने कड़ा रुख अपनाया है। आरोप है कि पीड़ित गोविंद सिंह सेंगर द्वारा मांग के मुताबिक 'सुविधा शुल्क' (रिश्वत) न दिए जाने के कारण लेखपाल ने उनकी शस्त्र लाइसेंस की पत्रावली को दुर्भावनापूर्ण तरीके से रोक रखा था। सभापति के निर्देश पर उनके निजी सचिव धर्मेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी महोबा को शासकीय पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित लेखपाल के विरुद्ध तत्काल कठोर दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन से इस मामले पर जल्द से जल्द 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' भी तलब की गई है।