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रेस्टोरेंट में बाल श्रमिक मिलने पर कार्रवाई

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पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के प्रभावी अनुपालन के लिए श्रम विभाग, पुलिस विभाग और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने जनपद में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान कसया स्थित एक रेस्टोरेंट में बाल श्रमिक कार्यरत मिलने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मुक्त कराया।संयुक्त टीम ने कसया के मेसर्स कॉफी हाट रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया, जहां एक बालक से श्रम कराया जाता पाया गया। टीम ने बालक को तत्काल अवमुक्त कर अग्रिम आवश्यक कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति, कुशीनगर के सुपुर्द कर दिया।श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने बताया कि मुक्त कराए गए बालक के शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही संबंधित सेवायोजक को अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने कहा कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनन अपराध है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने तथा सुरक्षित और सम्मानजनक बचपन जीने का अधिकार है। बाल श्रम कराते पाए जाने पर दोषी व्यक्ति को 6 माह से 2 वर्ष तक के कारावास या 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय, थाना कसया के उपनिरीक्षक उदयभान मिश्रा, महिला कांस्टेबल साधना गिरी, मुकेश यादव तथा चाइल्ड लाइन के मोहनलाल गुप्ता और शशि शेखर मिश्र शामिल रहे। संयुक्त टीम ने जनसामान्य से बाल श्रम की किसी भी सूचना को संबंधित विभाग तक पहुंचाने की अपील भी की।